UTTARAKHAND WEATHER: उत्तराखण्ड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है, जिससे पूरी देवभूमि शीतलहर की चपेट में आ गई है। गुरुवार सुबह बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित राज्य के ऊँचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई। बर्फ की सफेद चादर बिछने से जहाँ पहाड़ बेहद मनमोहक नजर आ रहे हैं, वहीं कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर वापसी की है। मौसम विभाग ने पहले ही राज्य के मौसम में इस बड़े बदलाव की संभावना जताई थी, जो अब धरातल पर दिखाई दे रही है।
UTTARAKHAND WEATHER: चारधामों में जमी 8 इंच तक बर्फ, कड़ाके की ठंड की वापसी
उत्तरकाशी जनपद के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित हर्षिल घाटी में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित राजेश सेमवाल के अनुसार, धाम में करीब सात से आठ इंच तक बर्फ जम चुकी है। इसके अलावा मोरी और गीठ जैसे ऊँचाई वाले गाँवों में भी तीन से चार इंच तक बर्फ गिरी है। चमोली और रुद्रप्रयाग जनपदों के ऊँचाई वाले इलाकों (3000 मीटर से अधिक) में भी लगातार हो रही बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के सात जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चम्पावत में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है। विशेष रूप से बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है। विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आ सकती है।(UTTARAKHAND WEATHER)
दून में बादलों का डेरा, रात में बूंदाबांदी
राजधानी देहरादून में बुधवार से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है। गुरुवार को भी आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहा। दून के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। शहर का अधिकतम तापमान 23°C और न्यूनतम 13°C के आसपास रहने का अनुमान है। तेज हवाओं के कारण शहर के तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है।
काश्तकारों के चेहरे खिले: सेब की फसल के लिए ‘वरदान’
एक तरफ जहाँ ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर उत्तरकाशी के हर्षिल और अन्य ऊँचाई वाले क्षेत्रों के काश्तकार इस बर्फबारी से बेहद खुश हैं। काश्तकार संजय पंवार का कहना है कि मार्च माह में होने वाली यह बारिश और बर्फबारी सेब की फसल के लिए ‘संजीवनी’ की तरह है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण फसलें सूखने की कगार पर पहुँच गई थीं, लेकिन इस मौसमी बदलाव से पैदावार बेहतर होने की उम्मीद जगी है।

UTTARAKHAND WEATHER: यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है:
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अनावश्यक यात्रा से बचें: पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें।
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बिजली गिरने से बचाव: बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।
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गर्म कपड़ों का इंतजाम: तापमान में अचानक आई गिरावट को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें और पर्याप्त गर्म कपड़ों का उपयोग करें।
उत्तराखंड के लिए जारी 5 दिन की जनपद स्तरीय मौसम चेतावनी के अनुसार 19 से 21 मार्च तक राज्य के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है, जबकि 22 और 23 मार्च को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश, बर्फबारी, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। (UTTARAKHAND WEATHER)
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