UTTARAKHAND MUNICIPAL ELECTIONS: उत्तराखंड में 100 नगर निकायों के चुनाव को लेकर प्रचार मंगलवार शाम पांच बजे थम जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी केवल डोर-टू-डोर प्रचार कर सकेंगे। मतदान 23 जनवरी को होगा, जिसमें 11 नगर निगम, 43 नगर पालिका परिषद और 46 नगर पंचायतों के चुनाव होंगे। मतगणना 25 जनवरी को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव प्रचार का शोर मतदान से ठीक 48 घंटे पहले बंद हो जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी केवल चार से पांच लोगों के साथ बिना किसी शोर-शराबे के घर-घर जाकर प्रचार कर सकेंगे।

UTTARAKHAND MUNICIPAL ELECTIONS: मतदान की तैयारियां तेज
इस बार चुनाव में 30.29 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव प्रक्रिया के लिए 1515 मतदान केंद्र और 3394 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। कुल 5405 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से 11 नगर निगमों में मेयर पद के लिए 72 प्रत्याशी, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 445 प्रत्याशी और 4888 पार्षद-वार्ड सदस्य के लिए हैं। मतदान में बैलेट पेपर का उपयोग होगा और पहली बार नोटा (NOTA) का विकल्प भी दिया गया है। मतदान प्रक्रिया में 16,284 कार्मिक और 25,800 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। पोलिंग पार्टियों को ले जाने के लिए 846 हल्के और 572 भारी वाहन लगाए गए हैं।

चुनाव के दौरान संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों का भी निर्धारण किया गया है। इसके साथ ही, निष्पक्षता बनाए रखने के लिए राज्य आबकारी विभाग ने मतदान से 24 घंटे पहले शराब की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है। ये दुकानें 23 जनवरी की शाम 5 बजे तक बंद रहेंगी और मतगणना के दिन 25 जनवरी को भी शराब की बिक्री पर रोक रहेगी। बता दें कि नगर निकाय चुनावों की पूरी प्रक्रिया 27 दिसंबर को नामांकन से शुरू हुई थी। नरेंद्रनगर (टिहरी) और किच्छा (उधम सिंह नगर) में परिसीमन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इन क्षेत्रों के चुनाव फिलहाल टाल दिए गए हैं।

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