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UTTARAKHAND MADARASA NEWS: बाहरी राज्यों से मदरसों में बच्चे लाने का मामला, चार जिलों में होगी जांच

UTTARAKHAND MADARASA NEWS: उत्तराखंड में मदरसों से जुड़ा एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है जिसमें बाहरी राज्यों से बच्चों को लाकर राज्य के मदरसों में दाखिला कराने की बात सामने आ रही हैं। राज्य सरकार ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल के सभी मदरसों की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

UTTARAKHAND MADARASA NEWS: क्या है पूरा मामला?

मामला तब उजागर हुआ देहरादून रेलवे स्टेशन पर जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा, जो बिहार से बच्चों को लाकर देहरादून के मदरसों में दाखिला दिलाने का काम कर रहा था। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया जिसमें वह व्यक्ति खुद बताता है कि वह बिहार से आया है और तीन बच्चों को मदरसों में छोड़ने आया है। जब बच्चों से पूछताछ की गई तो सामने आया कि 13 साल का एक बच्चा तीसरी कक्षा में और 10 साल का दूसरा बच्चा चौथी कक्षा में पढ़ता है।

इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई और सभी को सत्यापन के लिए लखिबाग चौकी ले जाया गया। चौकी प्रभारी जयवीर सिंह के अनुसार यह पूरा मामला 8 अप्रैल का है। पूछताछ के दौरान व्यक्ति ने बताया कि तीन बच्चों में से एक उसका खुद का बेटा है, दूसरा उसके भाई का और तीसरा एक अन्य रिश्तेदार का बच्चा है। उसने यह भी कहा कि बच्चों के अभिभावक देहरादून में काम करते हैं और अपने बच्चों को मदरसे में तालीम चाहते थे। चौकी प्रभारी के मुताबिक जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध तथ्य सामने नहीं आया और बच्चों के माता-पिता से पुष्टि करने के बाद ही सभी को जाने दिया गया।

UTTARAKHAND MADARASA NEWS
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सीएम धामी ने मांगी जांच रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा, पारदर्शिता और नियमों का पालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (UTTARAKHAND MADARASA NEWS)

चारों जिलों के DM से मांगे तीन सवालों के जवाब

बकौल अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, चारों जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के मदरसों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाएं और तीन अहम बिंदुओं पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। पहला बच्चों के आने का स्रोत क्या है, दूसरा उन्हें लाने वाले व्यक्तियों के पास अभिभावकों की सहमति है या नहीं और तीसरा उन व्यक्तियों का पूर्व रिकॉर्ड क्या है जो बच्चों को लेकर आए हैं।

एक जुलाई से खत्म होगा मदरसा बोर्ड

उत्तराखंड में 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड पूरी तरह समाप्त (UTTARAKHAND MADARASA NEWS) कर दिया जाएगा। वर्ष 2025 में लागू उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत इसके बाद राज्य के सभी मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेना और उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

नई व्यवस्था के तहत संचालन के लिए धारा 14 में निर्धारित 11 कड़े मानकों को पूरा करना होगा। इनमें सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि किसी भी छात्र या शिक्षक को किसी धार्मिक गतिविधि में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और पूरा पाठ्यक्रम राज्य शिक्षा बोर्ड के सिलेबस के अनुरूप होगा। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जेएस रावत ने स्पष्ट किया है कि इन 11 शर्तों को पूरा किए बिना किसी भी मदरसे को धार्मिक शिक्षा की मान्यता नहीं मिलेगी।

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वर्तमान में राज्य में करीब 450 से अधिक पंजीकृत मदरसे संचालित हैं, जिनमें 50 हजार से अधिक छात्र अध्ययन कर रहे हैं। अकेले देहरादून जिले में 36 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। सरकार की इस जांच प्रक्रिया और नई शिक्षा व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य के मदरसों की कार्यप्रणाली में आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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