UTTARAKHAND ELECTRICITY RATES: उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग यानी UERC ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी को पूरी तरह खारिज करते हुए आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा और सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। आयोग ने स्पष्ट किया कि आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसलिए कुल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
UTTARAKHAND ELECTRICITY RATES: कितनी बढ़ोतरी मांगी थी कंपनियों ने?
बिजली कंपनियों UPCL, UJVNL और PITCUL ने मिलकर आयोग से करीब 18.50 से 18.86 प्रतिशत तक बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। बिजली वितरण निगम ने अलग-अलग श्रेणियों में 17 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। आयोग ने इस प्रस्ताव की समीक्षा के बाद इसे अस्वीकार कर दिया।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पुरानी दरें ही जारी
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पूर्व में लागू UTTARAKHAND ELECTRICITY RATES ही बरकरार रखी गई हैं। गरीबी रेखा वाले उपभोक्ताओं के लिए दर 1.85 रुपये प्रति यूनिट पर ही रखी गई है जबकि कंपनियों ने इसे 1.94 रुपये करने का प्रस्ताव दिया था। 0 से 100 यूनिट की दर 3.65 रुपये, 101 से 200 यूनिट की 5.25 रुपये, 201 से 400 यूनिट की 7.15 रुपये और 400 यूनिट से ऊपर की दर 7.80 रुपये प्रति यूनिट पर स्थिर रहेगी। सभी श्रेणियों में स्थायी शुल्क में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
RTS-1 यानी बल्क सप्लाई की दर 7.50 रुपये से घटाकर 6.25 रुपये प्रति KVAh कर दी गई है। इससे बड़ी सोसायटी और ग्रुप कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा।
प्रीपेड मीटर योजना का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 4 प्रतिशत की छूट दी जाएगी जबकि अन्य उपभोक्ताओं को 3 प्रतिशत की छूट मिलेगी। ऑनलाइन भुगतान पर 1.5 प्रतिशत और अन्य माध्यमों पर 1 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है।

UTTARAKHAND ELECTRICITY RATES: सौर ऊर्जा उपयोगकर्ताओं को प्रोत्साहन
25 किलोवाट से अधिक के उपभोक्ताओं को दिन में सौर ऊर्जा के उपयोग पर 22.5 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इसके अलावा 0.39 रुपये प्रति यूनिट ग्रीन टैरिफ भी लागू किया गया है जिसके जरिए उपभोक्ता स्वेच्छा से स्वच्छ ऊर्जा चुन सकते हैं।
औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत से अधिक लोड फैक्टर पर 6.60 रुपये प्रति KVAh की कम दर रखी गई है जिससे अधिक उत्पादन करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। आयोग ने UPCL को 10 सबसे अधिक हानि वाले फीडरों की पहचान के लिए समिति गठित करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने, नुकसान कम करने और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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