NALANDA TEMPLE STAMPEDE: बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ से करीब 5 किलोमीटर दूर मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। चैत्र माह के आखिरी मंगलवार और शीतलाष्टमी के अवसर पर मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई। इस हादसे में 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 6 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कैसे मची NALANDA TEMPLE STAMPEDE?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। मंगला मेला के कारण भीड़ और अधिक बढ़ गई थी। श्रद्धालु जल्दी-जल्दी दर्शन करने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे और कोई लाइन में लगकर पूजा नहीं करना चाहता था। इसी बीच एक महिला को चक्कर आया और वह वहीं गिर पड़ी। कुछ लोग उसे संभालने और भीड़ को पीछे करने की कोशिश करने लगे जिससे अफरातफरी मच गई और देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे।

40 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भगदड़ के बाद कई महिलाएं बेहोश पड़ी थीं और कुछ दर्द से चिल्ला रही थीं। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पहले 2-3 पुलिसकर्मी पहुंचे और उनके साथ मिलकर श्रद्धालुओं ने घायल महिलाओं को किनारे लिटाया। कई बार एंबुलेंस के लिए फोन किया गया लेकिन घटना के करीब 40 मिनट बाद पहली एंबुलेंस पहुंची। इसके बाद घायलों को अस्पताल भेजा गया।
दो मृतकों की हुई पहचान
अब तक दो मृतकों की पहचान हो पाई है। इनमें नालंदा के सकुन्त बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी जिनकी उम्र 50 वर्ष थी और नूरसराय के मथुरापुर निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी जिनकी उम्र 45 वर्ष थी शामिल हैं। रेखा देवी के पुत्र ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। सूचना मिलने पर वे अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। शेष मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
NALANDA TEMPLE STAMPEDE में भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल
हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर का गर्भगृह छोटा है और इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं था। भीड़ को दो लाइनों में बांटने या डायवर्ट करने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। बताया जा रहा है कि नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के कार्यक्रम के कारण जिले का अधिकांश पुलिस बल अन्य जगहों पर तैनात था। हादसे के बाद मंदिर और मेला बंद करा दिए गए हैं।(NALANDA TEMPLE STAMPEDE)

NALANDA TEMPLE STAMPEDE: प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजे का ऐलान
हादसे के बाद पटना कमिश्नर को बिहारशरीफ भेजा गया है। दीपनगर थाना पुलिस, सदर डीएसपी और एसडीएम की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं और मृतकों के आश्रितों को 6 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
क्यों खास है यह मंदिर और यह दिन?
यह मंदिर शीतला अष्टमी के अवसर पर विशेष महत्व रखता है। परंपरा के अनुसार इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और एक दिन पहले बना ठंडा भोजन माता को भोग लगाया जाता है। इसी कारण हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने की वजह से हुआ।

ये भी पढ़िए- देश में बेरोजगारी दर में आई कमी, सरकार ने PLFS REPORT 2025 की जारी
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

