UTTARAKHAND DOCTOR RECRUITMENT: उत्तराखंड सरकार ने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए 287 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इनमें 231 सीधी भर्ती के पद और 56 बैकलॉग पद शामिल हैं, जो प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग के साधारण ग्रेड के अंतर्गत आते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (यूकेएमएसएसबी) को भेज दिया है। भर्ती का विज्ञापन मध्य नवंबर तक जारी होने की संभावना है, जबकि परीक्षा से जुड़ा विज्ञापन दिसंबर से पहले जारी हो सकता है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने गुरुवार को चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के सचिव को यह प्रस्ताव भेजा, जो स्वास्थ्य निदेशालय के निर्देशों के अनुपालन में तैयार किया गया है। प्रस्ताव में रिक्त पदों को भरने की पूरी प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम 42 वर्ष तय की गई है, जो विज्ञापन जारी होने वाले वर्ष के 1 जुलाई को आधारित होगी। आयु सीमा संबंधी विस्तृत जानकारी विज्ञापन में दी जाएगी। यह कदम राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। (UTTARAKHAND DOCTOR RECRUITMENT)

UTTARAKHAND DOCTOR RECRUITMENT: पहले भी सरकार ने की थी भर्ती और कार्रवाई
सितंबर 2025 में सरकार ने 300 चिकित्सकों की भर्ती की घोषणा की थी, जिसमें से 220 चिकित्सा अधिकारियों को ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया गया। साथ ही, 56 एमबीबीएस बॉन्ड डिफॉल्टर्स को बर्खास्त किया गया, जिन्होंने पहाड़ी जिलों में पांच साल की अनिवार्य सेवा नहीं दी थी। जुलाई 2025 में 234 अनुपस्थित बॉन्डधारी डॉक्टरों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए थे, जिनमें से 178 ने ड्यूटी जॉइन की, जबकि 56 पर बकाया राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू हुई। फरवरी 2025 में बोर्ड ने साधारण ग्रेड चिकित्सा अधिकारी (बैकलॉग) के लिए परीक्षा आयोजित की थी। अप्रैल 2025 में 276 साधारण ग्रेड चिकित्सा अधिकारी पदों और 256 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी पदों की भर्ती भी पूरी की गई।

राज्य में कुल 578 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 81 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 21 उप-जिला अस्पताल और 13 जिला अस्पताल हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की 2016-21 की रिपोर्ट के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में चिकित्सकों की 94 प्रतिशत कमी है, जबकि उप-जिला अस्पतालों में 45 प्रतिशत तथा जिला अस्पतालों में 30 प्रतिशत कमी दर्ज की गई। भारतीय जन स्वास्थ्य मानक (आईपीएचएस) के मानदंडों के अनुरूप यह कमी राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी चिंताजनक है, जिसमें मैदानी जिलों में 50 प्रतिशत तथा पहाड़ी जिलों में 70 प्रतिशत तक की कमी है।

सीएजी की ही 2014-19 रिपोर्ट के अनुसार, कई अस्पतालों में आपातकालीन सर्जरी के लिए ऑपरेशन थियेटर तक उपलब्ध नहीं हैं। आईसीयू सुविधाएं केवल दो अस्पतालों में हैं, जो उपकरण और स्टाफ की कमी के कारण संचालित नहीं हो पा रहीं। लैंसेट अध्ययन (2017-18 डेटा पर आधारित) बताता है कि उत्तराखंड में केवल 29.2 प्रतिशत भर्ती मरीज 10 किलोमीटर के भीतर इलाज पा पाते हैं, जबकि 36.3 प्रतिशत को 60 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में नई भर्ती प्रक्रिया से उम्मीद है कि दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को राहत मिलेगी। (UTTARAKHAND DOCTOR RECRUITMENT)

देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

