UTTARAKHAND CLOUDBURST: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में गुरुवार देर रात बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचा दी। इन घटनाओं में कई परिवार मलबे और बाढ़ के पानी में फंस गए, जबकि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। टिहरी गढ़वाल के भिलंगना क्षेत्र के गेंवाली गाँव में भी बादल फटने से कई छानियाँ और मंदिर मलबे में दब गए। क्षेत्र में भिलंगना, बालगंगा और धर्मगंगा नदियाँ इस समय उफान पर हैं।

UTTARAKHAND CLOUDBURST: रुद्रप्रयाग और चमोली में राहत-बचाव कार्य तेज
रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने से भारी मलबा और पानी गाँवों में घुस गया। प्रशासन के अनुसार छेनागाड़ बाजार की दुकानें और कई वाहन मलबे में दब गए, और कम से कम छह लोग लापता बताए जा रहे हैं। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिसके कारण रुद्रप्रयाग का हनुमान मंदिर डूब गया। केदारघाटी के तालजामन, बड़ेथ और लवारा गाँवों में कई घर बह गए, जबकि लवारा में मोटर पुल नदी में समा गया।

चमोली जिले के देवाल क्षेत्र के मोपाटा गाँव में भी बादल फटने से मलबा आने की सूचना है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि इस घटना में दो लोग लापता हैं और कई जानवर मलबे में दब गए हैं। भारी बारिश से सड़कों के बंद होने के कारण बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें राहत कार्यों में लगी हुई हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने से परिवारों के फंसे होने की दुखद जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य कर रहा है। आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मलबे और पानी के दोनों ओर से गाँवों में घुस जाने के कारण राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचने में कठिनाई का सामना कर रही हैं। बावजूद इसके, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। कई सड़कें भूस्खलन के कारण बंद हो गई हैं, जिससे राहत कार्यों में और मुश्किलें बढ़ रही हैं।

मौसम विभाग ने 29 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और उत्तरकाशी में येलो अलर्ट लागू है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश को देखते हुए सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। मानसून सीजन में उत्तराखंड में बार-बार हो रही बादल फटने की घटनाएँ राज्य में आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को और बढ़ा रही हैं।

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