UTTARAKHAND CABINET: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 11 प्रस्ताव पास किए गए, जिनमें उत्तराखंड की पहली योग नीति, नई औद्योगिक नीति, प्रोक्योरमेंट नियमावली में संशोधन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।

UTTARAKHAND CABINET के फैसले
- UTTARAKHAND CABINET मीटिंग मेंसबसे बड़ी घोषणा राज्य की पहली योग नीति को लेकर की गई। इस नीति के तहत उत्तराखंड में पांच नए योग हब बनाए जाएंगे। पहाड़ी क्षेत्रों में योग संस्थानों को 50 प्रतिशत और मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही इन संस्थानों में कार्यरत योग शिक्षकों को प्रति कक्षा ₹250 की प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी। इस नीति का उद्देश्य राज्य को योग की वैश्विक पहचान दिलाना है।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार ने अटल आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड पर कैशलेस इलाज के लिए नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। इस योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए ₹75 करोड़ का ऋण दिया जाएगा ताकि अस्पतालों को समय पर भुगतान हो सके।
- इसके अलावा सरकार एक नई स्वास्थ्य नीति लाने की भी योजना बना रही है, जिसके लिए हितधारकों से राय ली जाएगी। देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के तीमारदारों के ठहरने और खाने के लिए एम्स ऋषिकेश की तर्ज पर सस्ती दरों पर सुविधाएं देने की योजना भी पास हुई है। इसके लिए ज़मीन उपलब्ध कराई जाएगी और संचालन किसी संस्था के माध्यम से किया जाएगा।
- प्रोक्योरमेंट यानी अधिप्राप्ति नियमों में संशोधन करते हुए सरकार ने स्थानीय लोगों को अधिक रोजगार देने पर जोर दिया है। पहले जहां स्थानीय ठेकेदारों को ₹5 करोड़ तक के काम मिलते थे, अब यह सीमा बढ़ाकर ₹10 करोड़ कर दी गई है। ई और डी श्रेणी के पंजीकृत ठेकेदारों की कार्य सीमा भी बढ़ा दी गई है।
- स्वयं सहायता समूहों को अब ₹5 लाख तक के काम दिए जा सकेंगे। एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई एमएसएमई टेंडर की न्यूनतम बोली से 10 प्रतिशत तक अधिक दर पर भी बोली लगाता है तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। नॉन कंसल्टेंसी कार्यों में भी यह प्रावधान लागू होगा।
- UTTARAKHAND CABINET मीटिंग में ये फैसला लिया गया कि टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सिक्योरिटी राशि अब ऑनलाइन जमा की जा सकेगी और इसके लिए बैंक से ई-बैंक गारंटी (e-BG) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। टेंडर से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए आईएफएमएस पोर्टल पर ग्रीवांस रिड्रेसल की व्यवस्था लागू की जाएगी और जेम्स पोर्टल के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

- UTTARAKHAND CABINET मीटिंग में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उत्तराखंड मेगा इंडस्ट्रियल नीति 2025 को मंजूरी दी गई है। यह नीति अगले पांच वर्षों तक लागू रहेगी। इस नीति में राज्य को उद्योगों के लिहाज से चार श्रेणियों में बांटा गया है—लार्ज, अल्ट्रा लार्ज, मेगा और अल्ट्रा मेगा। लार्ज श्रेणी में ₹50 से ₹200 करोड़ के निवेश और 50 स्थायी रोजगार देने पर 10 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। अल्ट्रा लार्ज श्रेणी में ₹200 से ₹500 करोड़ के निवेश और 150 स्थायी रोजगार की शर्त पर 15 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। मेगा श्रेणी में ₹500 से ₹1000 करोड़ तक के निवेश पर 300 स्थायी रोजगार और अल्ट्रा मेगा श्रेणी में ₹1000 करोड़ से अधिक निवेश करने वालों को 509 स्थायी रोजगार देने होंगे।
- कैबिनेट ने उत्तराखंड विष कब्जा एवं विक्रय नियमावली में भी संशोधन किया है, जिसके तहत मिथाइल अल्कोहल को शामिल किया गया है। इसके साथ ही राजकीय विभाग अधीनस्थ लेखा संवर्ग राजपत्रित नियमावली 2019 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे लेखा संवर्ग की पूर्व व्यवस्था को बनाए रखा जाएगा।
- उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति 2024 को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इस नीति के तहत उन्हीं क्षेत्रों को सब्सिडी दी जाएगी जहां पहले से सेवा क्षेत्र के संस्थान नहीं हैं, जबकि जहां पहले से सेवा क्षेत्र का संचालन हो रहा है, वहां यह सुविधा नहीं दी जाएगी।
- इसके अतिरिक्त UTTARAKHAND CABINET मीटिंग में उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के ढांचे में 11 नए पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। वहीं, राज्य बाल सुरक्षा संगठन की वार्षिक रिपोर्ट को सदन में प्रस्तुत करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

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