US CHINA TRADE DEAL: 30 अक्टूबर 2025 को दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) शिखर सम्मेलन के साइडलाइन्स पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक हुई। यह मुलाकात गिम्हे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई, जो दोनों नेताओं के बीच छह वर्षों बाद पहली आमने-सामने की बातचीत थी। बैठक लगभग 90 मिनट से अधिक चली और इसमें दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापारिक तनावों को कम करने पर चर्चा हुई।

US CHINA TRADE DEAL: टैरिफ में कटौती और नए व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर
ट्रम्प ने एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दोनों देशों ने एक साल के लिए मान्य समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें टैरिफ में कटौती, अमेरिकी सोयाबीन की खरीद और दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ्स) की आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ट्रम्प ने कहा कि फेंटेनिल से जुड़े टैरिफ को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है, जिससे चीनी आयात पर कुल टैरिफ 57% से घटकर 47% रह जाएगा। यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इस समझौते के तहत चीन ने फेंटेनिल पूर्ववर्ती रसायनों की तस्करी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का वादा किया है।

बैठक में ताइवान मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हुई। हालांकि, एनवीडिया जैसी कंपनियों पर लगे तकनीकी प्रतिबंधों पर संक्षिप्त चर्चा की गई। ट्रम्प ने यह भी घोषणा की कि वे अप्रैल 2026 में चीन की यात्रा करेंगे, जिसके बाद शी जिनपिंग अमेरिका का दौरा करेंगे। इस समझौते का असर वैश्विक बाजारों में तुरंत दिखा। शिकागो एक्सचेंज पर सोयाबीन फ्यूचर्स 1.6% गिरे, जबकि चीन का सीएसआई रेयर अर्थ्स इंडेक्स 2% से अधिक चढ़ा। एशियाई शेयर बाजारों में भी 2 से 3.8% की तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ने कहा कि यह 100% टैरिफ से बचने में मदद करेगा, हालांकि व्यापार घाटा अभी भी चिंता का विषय है।

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