UPI TRANSACTION NEW RULES: भारत में डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आज से लागू हो गया है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के ट्रांजेक्शन लिमिट्स में संशोधन किया है। इस बदलाव के तहत कुछ विशेष श्रेणियों में पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) ट्रांजेक्शन की दैनिक सीमा को 10 लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया है, जबकि सामान्य पर्सन-टू-पर्सन (पी2पी) ट्रांसफर की सीमा 1 लाख रुपये प्रतिदिन ही बनी रहेगी। यह कदम इंश्योरेंस, कैपिटल मार्केट्स, ट्रैवल और लोन रिपेमेंट जैसे हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन्स को और सुविधाजनक बनाने के लिए उठाया गया है।

UPI TRANSACTION NEW RULES: टैक्स, इंश्योरेंस और लोन पेमेंट्स के लिए नई लिमिट
एनपीसीआई की अगस्त 2025 की सर्कुलर के अनुसार अब टैक्स पेमेंट्स, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM), ट्रैवल बुकिंग्स और अन्य मर्चेंट ट्रांजेक्शन्स के लिए प्रति ट्रांजेक्शन लिमिट 5 लाख रुपये और दैनिक लिमिट 10 लाख रुपये कर दी गई है। पहले ये सीमा क्रमशः 1 लाख और 2 लाख रुपये थी। उदाहरण के तौर पर अब इंश्योरेंस प्रीमियम या कैपिटल मार्केट निवेश एक बार में 5 लाख रुपये तक किए जा सकेंगे। इसी तरह, क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट्स की सीमा प्रति ट्रांजेक्शन 5 लाख और दैनिक 6 लाख रुपये कर दी गई है। लोन रीपेमेंट्स और ईएमआई कलेक्शन्स के लिए भी नई सीमा 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन और 10 लाख रुपये प्रतिदिन तय की गई है।

ज्वेलरी, टर्म डिपॉजिट्स और फॉरेन एक्सचेंज पर भी असर
नए नियमों के तहत ज्वेलरी खरीदारी के लिए प्रति ट्रांजेक्शन लिमिट 2 लाख और दैनिक सीमा 6 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि पहले यह 1 लाख रुपये थी। टर्म डिपॉजिट्स के डिजिटल ऑनबोर्डिंग के लिए प्रति ट्रांजेक्शन और दैनिक लिमिट अब 5 लाख रुपये हो गई है, जो पहले 2 लाख रुपये थी। वहीं फॉरेन एक्सचेंज पेमेंट्स में भी प्रति ट्रांजेक्शन और दैनिक सीमा 5 लाख रुपये कर दी गई है। एनपीसीआई ने यह स्पष्ट किया है कि ये बढ़ी हुई लिमिट्स केवल वेरीफाइड मर्चेंट्स और कुछ विशिष्ट कैटेगरी पर ही लागू होंगी। इसका उद्देश्य सिक्योरिटी को बनाए रखना है ताकि फ्रॉड के मामलों से बचा जा सके।

UPI TRANSACTION NEW RULES: यूपीआई ऐप्स पर लागू हुए नए नियम
एनपीसीआई ने सभी बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को 15 सितंबर तक इस बदलाव को लागू करने का निर्देश दिया था। अब यह नियम सभी प्रमुख यूपीआई ऐप्स जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm और BHIM पर लागू हो चुके हैं। इससे हाई-वैल्यू सेक्टर्स में डिजिटल पेमेंट्स का दायरा और बढ़ेगा। यूपीआई ट्रांजेक्शन लिमिट्स में यह बदलाव भारत के डिजिटल ट्रांजेक्शन इकोसिस्टम को और मजबूत करेगा। एनपीसीआई के मुताबिक, यूपीआई पर मासिक ट्रांजेक्शन्स पहले ही 18 बिलियन से अधिक हो चुके हैं। अब हाई-वैल्यू पेमेंट्स के आसान होने से इंश्योरेंस, लोन, कैपिटल मार्केट और ट्रैवल जैसे क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

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