TCS NASHIK CASE: महाराष्ट्र के नासिक TCS धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में करीब 42 दिनों से फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव इलाके स्थित कैसर कॉलोनी के एक फ्लैट से पकड़ा है।
बताया जा रहा है कि वह 25 मार्च से लगातार फरार चल रही थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक निदा खान अपने परिवार के साथ उस फ्लैट में छिपकर रह रही थी। फ्लैट में उसके माता-पिता, भाई और चाची समेत कुल पांच लोग मौजूद थे।
जांच एजेंसियों को दो दिन पहले ही उसकी लोकेशन की भनक लग गई थी, लेकिन पुलिस ने जल्दबाजी करने के बजाय पूरे इलाके की निगरानी और रेकी की। लगातार दो दिनों तक गतिविधियों पर नजर रखने के बाद टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
TCS NASHIK CASE: असली पहचान छुपाने के लिए फोटो बदली
जांच में यह भी सामने आया कि निदा खान सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरों का इस्तेमाल कर रही थी, जिनसे उसकी असली पहचान छिपी रहे। गिरफ्तारी के बाद जो तस्वीर सामने आई, वह सोशल मीडिया प्रोफाइल में इस्तेमाल की गई तस्वीरों से काफी अलग बताई जा रही है।

क्या है TCS NASHIK CASE?
TCS NASHIK CASE, TCS की नासिक यूनिट में महिला कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और जबरन धर्मांतरण के आरोपों से जुड़ा हुआ है। शिकायतों के बाद नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले में नौ FIR दर्ज की थीं।
TCS NASHIK CASE में इससे पहले एक महिला मैनेजर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों ने कंपनी के भीतर एक समूह बनाकर संगठित तरीके से गैरकानूनी गतिविधियां चलाईं।
मामले में अब तक क्या हुआ?
जांच के अनुसार जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच कुछ महिला कर्मचारियों पर धार्मिक तौर-तरीके अपनाने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने के लिए कहा जाता था।
साथ ही वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए मानसिक दबाव बनाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और मांसाहारी भोजन खाने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। निदा खान TCS की निलंबित कर्मचारी बताई जा रही हैं।
उनके खिलाफ देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज है। इनमें यौन उत्पीड़न, मानहानि और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं, क्योंकि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित हैं।
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अग्रिम जमानत याचिका खारिज
इससे पहले निदा खान ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करते हुए गिरफ्तारी से राहत की मांग की थी। उसने अदालत को बताया था कि वह दो महीने की गर्भवती है। हालांकि कोर्ट ने उसे अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। 20 अप्रैल को भी अदालत ने गिरफ्तारी से सुरक्षा देने से मना कर दिया था। SIT ने अदालत में अपनी जांच रिपोर्ट पेश करते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया था।
TCS NASHIK CASE में पहले ही रजा रफीक मेमन, तौसीफ बिलाल अत्तार, दानिश शेख और शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपियों को 18 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि सरकार इसकी तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई TCS NASHIK CASE से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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