SYDNEY SHOOTING: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार शाम यहूदी समुदाय के हनुक्का उत्सव के दौरान हुए एक भीषण आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। हथियारबंद हमलावरों द्वारा भीड़ पर की गई अंधाधुंध गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जिसमें एक बच्चा और एक इजराइली नागरिक भी शामिल है। पुलिस कार्रवाई में एक हमलावर मौके पर ही मारा गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती है। इस घटना में 38 से 45 लोगों के घायल होने की खबर है, जिनमें से कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

SYDNEY SHOOTING: पिता-पुत्र की जोड़ी ने किया हमला
इस हमले को एक पिता और पुत्र की जोड़ी ने अंजाम दिया, जिन पर पाकिस्तानी मूल के होने का संदेह है। पुलिस ने 50 वर्षीय पिता साजिद अकरम को मौके पर ही ढेर कर दिया, जबकि उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम अस्पताल में पुलिस की निगरानी में है। साजिद अकरम 1998 में छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था और बाद में उसने वेरेना नामक ऑस्ट्रेलियाई महिला से शादी कर रेजिडेंट रिटर्न वीजा प्राप्त किया था, लेकिन उसके पास ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता नहीं थी। बेटा नवीद ऑस्ट्रेलिया में ही जन्मा है और वहां का नागरिक है। साजिद एक गन क्लब का सदस्य था और उसके पास कानूनी रूप से 6 बंदूकें थीं, जिनका इस्तेमाल उसने इस हमले में किया।

SYDNEY SHOOTING: यहूदी समुदाय था निशाने पर
अधिकारियों के अनुसार, यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था और विशेष रूप से यहूदी समुदाय को निशाना बनाने के लिए हनुक्का फेस्टिवल के दिन को चुना गया था। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले की निंदा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नीतियों को इसका जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि इन नीतियों ने आग में घी डालने का काम किया है। हमले से पहले बाप-बेटे ने अपने परिवार से झूठ बोला था कि वे मछली पकड़ने जा रहे हैं। साजिद अकरम पेशे से फलों की दुकान चलाता था और उसका बेटा 2019 में ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन (ASIO) की जांच के घेरे में भी आया था, हालांकि तब उसे क्लीन चिट मिल गई थी।

ऑस्ट्रेलिया में शोक और आक्रोश
इस घटना के बाद पूरे ऑस्ट्रेलिया में शोक और गुस्से का माहौल है। बॉन्डी बीच और आसपास के इलाकों को सील कर दिया गया है और भारी पुलिस बल तैनात है। न्यू साउथ वेल्स के स्वास्थ्य मंत्री रयान पार्क ने मृतकों की संख्या बढ़ने की पुष्टि की और बताया कि घायलों में बच्चे भी शामिल हैं, जिससे यह हमला और भी अमानवीय हो जाता है। हमलावरों की पत्नी और मां वेरेना ने मीडिया के सामने अविश्वास जताते हुए कहा कि उनका बेटा कभी गलत संगत में नहीं रहा। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इस घटना की आतंकी कोण से विस्तृत जांच कर रही हैं।

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