STF HARIDWAR POLICE FUGITIVE ARREST: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और हरिद्वार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए हरिद्वार जिला कारागार से फरार हत्यारे पंकज वाल्मीकि को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। फरारी के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और उसकी गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम रखा गया था। 30 जनवरी की रात एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस को पंकज की लोकेशन मिलने के बाद घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख पंकज ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस दौरान पुलिस की गोली बदमाश के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया।

STF HARIDWAR POLICE FUGITIVE ARREST: रामलीला में निभाया था वानर का किरदार, फिर फरार हो गया था जेल से
11 अक्टूबर 2024 की रात दशहरे के अवसर पर हरिद्वार जेल में रामलीला का मंचन हो रहा था। कैदी पंकज (28 वर्ष) और उसके साथी रामकुमार (24 वर्ष) को वानर सेना का किरदार निभाने का मौका मिला। इसी दौरान दोनों कैदियों ने जेल की दीवार फांदकर फरार होने की योजना बनाई और सफलतापूर्वक भाग निकले। जब रामलीला के बाद कैदियों की गिनती हुई, तब जेल प्रशासन को इस घटना की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू कर दी थी। हरिद्वार पुलिस पहले ही पंकज के साथी रामकुमार को हरियाणा के यमुनानगर से गिरफ्तार कर चुकी थी। अब इस मुठभेड़ में पंकज भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।

एसटीएफ को महीनों से थी तलाश, बिना मोबाइल के छिपा था फरार अपराधी
फरारी के बाद से ही पंकज कोई भी मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर रहा था, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन ट्रेस करने में मुश्किलें आ रही थीं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान वह कहां छिपा रहा और उसे किन लोगों से मदद मिली। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरी योजना में किसी बड़े अपराधी गिरोह का हाथ तो नहीं था। गिरफ्तार किए गए पंकज वाल्मीकि का निवास स्थान गोल भट्टा, रुड़की है, जबकि वह मूल रूप से इस्माइलपुर, थाना लक्सर, हरिद्वार का निवासी है। पुलिस ऑपरेशन में एसटीएफ की विशेष टीम और हरिद्वार पुलिस के कई अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया।

सीता माता को खोजते खोजते दो वानर हुए फरार, हरिद्वार जेल में रामलीला के दौरान हुई घटना
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