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भविष्य की चुनौतियों के लिए युवाओं को तैयार कर रहा है स्किल इंडिया मिशन, AI और रोबोटिक्स पर विशेष जोर

SKILL INDIA MISSION: भारत सरकार का स्किल इंडिया मिशन देश के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक ढालने के लिए एक बड़े अभियान के रूप में उभर रहा है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के माध्यम से संचालित यह मिशन प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) और राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) जैसी विभिन्न कड़ियों को जोड़कर समाज के हर वर्ग तक कौशल प्रशिक्षण पहुँचा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य के कौशलों से लैस करना है।

SKILL INDIA MISSION
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SKILL INDIA MISSION: उद्योग की जरूरतों और कौशल के बीच बढ़ता तालमेल

कौशल विकास के क्षेत्र में गुणवत्ता और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की स्थापना एक व्यापक नियामक के रूप में की गई है। एनसीवीईटी यह सुनिश्चित करती है कि विकसित किए जा रहे पाठ्यक्रम उद्योग की मांग के अनुरूप हों। वर्तमान में परिषद ने 9026 योग्यताओं को मंजूरी दी है, जिनमें से 2599 सक्रिय रूप से उपयोग में हैं, जबकि अप्रासंगिक हो चुकी पुरानी योग्यताओं को हटा दिया गया है। इसके अलावा, देश भर में 36 क्षेत्रीय कौशल परिषदें (एसएससी) स्थापित की गई हैं, जिनका नेतृत्व उद्योग जगत के दिग्गज कर रहे हैं।

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नियोक्ताओं का भरोसा जीतने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के पाठ्यक्रमों को एनएसक्यूएफ मानकों के अनुरूप बनाया गया है। इसमें विशेष रूप से ‘ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग’ (OJT) पर ध्यान दिया गया है, ताकि प्रशिक्षुओं को वास्तविक कार्य वातावरण का अनुभव मिल सके। स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) के माध्यम से प्रदान किए जाने वाले डिजिटल प्रमाणपत्रों में क्यूआर कोड की सुविधा दी गई है, जिससे नियोक्ताओं के लिए उम्मीदवार की योग्यता का तत्काल सत्यापन करना आसान हो गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है और धोखाधड़ी की संभावना कम हुई है।

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नई तकनीक और डिजिटल साक्षरता पर विशेष ध्यान

सरकार ने उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे 5जी नेटवर्क, साइबर सुरक्षा और एआई प्रोग्रामिंग में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए कई नए कदम उठाए हैं। प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) ने आईटीआई और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI) में भविष्य के कौशल पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीशियन जैसे 31 नए जमाने के पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, एआई के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए ‘स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस’ (SOAR) पहल शुरू की गई है, जो कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली छात्रों और शिक्षकों को एआई साक्षर बनाने पर केंद्रित है।

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डिजिटल क्षेत्र में कौशल विकास को और मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने नैसकॉम के साथ मिलकर ‘फ्यूचरस्किल्स प्राइम’ (FSP) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म एआई, रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA) और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष पाठ्यक्रम प्रदान करता है। साथ ही, रोजगार कौशल विषय के अंतर्गत ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय’ नामक एक विशेष मॉड्यूल भी शामिल किया गया है, ताकि हर प्रशिक्षु को आधुनिक तकनीक की बुनियादी समझ हो सके।

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औद्योगिक साझेदारी और वैश्विक अवसर

स्किल इंडिया मिशन की सफलता में निजी क्षेत्र की भागीदारी एक अहम स्तंभ है। मंत्रालय ने आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, सिस्को, अमेज़ॅन वेब सर्विसेज (AWS) और ऑटो डेस्क जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये साझेदारियां आधुनिक तकनीकों में तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। इसके साथ ही, प्रशिक्षण की दोहरी प्रणाली (DST) के माध्यम से छात्रों को उद्योगों के भीतर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

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राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) के तहत नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से वजीफा सहायता भी प्रदान की जा रही है। पीएमकेवीवाई के तहत बनाए गए उत्कृष्टता केंद्र (COE) उद्योग के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार कर रहे हैं, जिससे रोजगार मिलने की संभावना शत-प्रतिशत तक बढ़ जाती है। ये केंद्र वैश्विक नौकरियों के लिए भी युवाओं को तैयार कर रहे हैं, क्योंकि इनके द्वारा प्रदान किए गए प्रमाणन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है।

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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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