SANJAY ROY: पिछले साल अगस्त में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक जूनियर महिला डॉक्टर की हत्या हुई थी, जिसने पूरे देश में गुस्से का माहौल पैदा कर दिया था। इस घटना के बाद देशभर में डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किए थे। मामले की जांच पहले पश्चिम बंगाल पुलिस ने की थी, लेकिन बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। अब, करीब 162 दिन बाद, सियालदाह की अदालत ने आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया है।

क्या हुआ था आरजी कर अस्पताल में?
8-9 अगस्त की रात आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक 31 वर्षीय जूनियर डॉक्टर के साथ हैवानियत की घटना हुई। महिला डॉक्टर की हत्या की खबर मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत पीड़िता के परिजनों को सूचित किया। इसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। जांच के दौरान अस्पताल के सिविक वालंटियर संजय रॉय से पूछताछ की गई, जिसे बाद में हत्या और बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

SANJAY ROY का दोषी होना और कोर्ट का फैसला
इस घटना के बाद लगातार डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किए और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की। इस मामले में सीबीआई और पुलिस ने मिलकर कड़ी जांच की, और अंततः सियालदाह की अदालत ने आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बान दास ने संजय रॉय को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 64 (बलात्कार के लिए सजा), 66 (मृत्यु का कारण बनने के लिए सजा) और 103 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने मुकदमा शुरू होने के 57 दिन बाद अपना फैसला सुनाया।

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