न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खा रहा सैनिक, परिवार के साथ आत्मदाह करने की दी चेतावनी

पौड़ी ( दीप बिष्ट ) :  एक भारतीय सैनिक और उसके परिवार ने खनन माफियाओं पर उनकी जमीन को हड़पने का आरोप लगाया है। अपनी पैतृक जमीन को खननकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने के लिए सैनिक और उसके परिवार ने जिला प्रशासन से मद्द की गुहार लगाई है…..

पूरा मामला स्वीत गांव का है, गांव निवासी अमित रावत भारतीय सेना में सैनिक के तौर पर अपनी सेवा दे रहा हैं। सैनिक का आरोप है कि उसकी पैतृक जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा किया हुआ है। और ये नौबत तब आई है जब सैनिक के पिता के तीन बड़े भाइयों ने पैतृक जमीन का सौदा बिना बंटवारें के ही कर दिया। सैनिक का आरोप है कि उसकी जमीन का सौदा खनन माफियाओं से किया गया है। जिसकी सैनिक के परिवार को काफी देर बाद भनक लगी ।

सौनिक ने बताया कि इस समय वो देश की सुरक्षा के लिए जम्मू कश्मीर में अपनी सेवा दे रहा है।  लेकिन पैतृक जमीन को बचाने के लिए उसे गांव लौटना पडा है। अमित का कहना है कि जमीन का बंटवारा न होने के से उसके हिस्से की जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर डाला है। और अब जमीन को खुर्द बुर्द किया जा रहा है। सैनिक ने खननकर्ताओं पर आरोप लगाया है कि उसकी पैतृक जमीन को छुड़वाने के लिए जब उसके परिवार ने आवाज उठाई। तो खनन माफियाओं ने उसके परिवार के साथ मारपीट की। और उसकी मां का हाथ भी खनन माफियाओं ने तोड़ डाला। जिसकी शिकायत भी पुलिस से की गई, लेकिन अब तक मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।

थक हार अब पीड़ित सैनिक परिवार जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा है। सैनिक और उसके परिवार का कहना है कि उनकी जमीन अगर जल्द खनन माफियाओं से नहीं छुडवाई जाती है तो वो आत्मदाह के लिए मजबूर होंगे। वहीं जिलाधिकारी ने बताया कि जमीन का बंटवारा न होने के चलते ये नौबत आई है। जिलाधिकारी ने अमित को सलाह दी है कि वो अपने पिता के बडे भाइयों के साथ मिलकर जमीन का बंटवारा कर लें। क्योंकि इसके बाद ही जिला प्रशासन खनन माफियाओं से उसकी जमीन को छुडवा पाएंगे । जिलाधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि खनन माफियाओं को जमीन को नुकसान पहुंचाने से रोका जाए।