अंतरिक्ष में भारत ने रचा इतिहास, पहले प्राइवेट रॉकेट Vikram-S की सफल लॉन्चिंग

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Rocket Vikram S

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) श्रीहरिकोटा में अपने केंद्र से देश का पहला निजी तौर पर विकसित Rocket Vikram S का सफल प्रक्षेपण आज दोपहर ठीक 11.30 बजे हुआ. सिंगल स्टेज वाले इस रॉकेट को इंडियन स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने बनाया है। रॉकेट ने 5 मिनट से भी कम के फ्लाइट टाइम में 89.5 KM के पीक एल्टीट्यूड को अचीव किया ।

Rocket Vikram S : मिशन का नाम प्रारंभ

इस Rocket Vikram S का नामकरण भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक रहे और दिवंगत वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के नाम पर किया गया है. ‘प्रारंभ’ नामक मिशन में 2 घरेलू और 1 विदेशी ग्राहक के 3 पेलोड को ले गया. कॉमर्शियल स्पेस एक्सप्लोरेशन को प्रमोट करने वाली भारत की नोडल एजेंसी ने इन-स्पेस Vikram-S सबऑर्बिटल व्हीकल को लॉन्च की मंजूरी दी थी।

कंपनी का दावा है कि विक्रम सीरीज के रॉकेट सैटेलाइट लॉन्चिंग को कैब बुक करने जितना आसान कर देंगे। विक्रम S केवल 8 मीटर लंबा सिंगल स्टेज स्पिन स्टेबलाइज्ड सॉलिड प्रोपेलेंट रॉकेट है। इस रॉकेट का वजन लगभग 545 KG है। ये कलाम 80 प्रोपेल्शन सिस्टम से पावर्ड है जिसकी टेस्टिंग मार्च 2022 को नागपुर की सोलर इंडस्ट्रीज में भी की गई थी।

 Rocket Vikram S

Rocket Vikram S : भारत ने रचा इतिहास

Vikram-S रॉकेट को विकसित करने वाले स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा, “लॉन्च किया गया! Vikram-S ने आसमान को सुशोभित करने वाले भारत के पहले निजी रॉकेट के रूप में इतिहास रचा है, आप सभी का धन्यवाद”

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आप को बता दे कि स्काईरूट एयरोस्पेस भारत की पहली निजी क्षेत्र की कंपनी बन गयी है । इंडिया में प्राइवेट सेगमेंट के लिए साल 2020 में स्पेस सेक्टर को खोला गया था। PM नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की थी। वैसे इंडिया में पहला स्टार्टअप 2012 में युवा इंजीनियरों और छात्रों के एक ग्रुप ने शुरू किया गया था, PM मोदी की घोषणा के बाद 2020 से इसमें काफी तेजी आई है।