HomeInsuranceकिराए के घर में रहने वालों के लिए इंश्योरेंस जरूरी क्यों है

किराए के घर में रहने वालों के लिए इंश्योरेंस जरूरी क्यों है

Renters Insurance को लेकर भारत में सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि लोग सोचते हैं यह प्रोडक्ट यहां मौजूद ही नहीं है। असल में भारत में इसे अलग नाम से बेचा जाता है,Tenant Insurance या Contents-only Home Insurance, लेकिन काम बिल्कुल वही करता है। किराए के घर में रहते हुए भी लोग फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंसेज में लाखों रुपये लगा देते हैं, लेकिन इन्हें सुरक्षित रखने का ख्याल कम ही आता है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि Renters Insurance असल में क्या कवर करता है, यह किराएदारों के लिए क्यों जरूरी है, और लेते वक्त क्या ध्यान रखें।

Renters Insurance असल में क्या है?

यह एक Contents-only पॉलिसी है, जो सिर्फ आपके अपने सामान को कवर करती है, बिल्डिंग की दीवारों या छत को नहीं। यानी फर्नीचर, टीवी, फ्रिज, कपड़े, किचन का सामान — यह सब आपकी अपनी संपत्ति है, और इन्हीं की सुरक्षा के लिए Renters Insurance बनाया गया है।

Landlord और Tenant की जिम्मेदारी अलग-अलग क्यों है?

मकान मालिक की जिम्मेदारी बिल्डिंग यानी दीवारों, छत और स्ट्रक्चर को इंश्योर करना है। इसके बारे में और जानना हो तो Property Insurance Guide पूरी जानकारी देता है। किराएदार की जिम्मेदारी अपने निजी सामान को इंश्योर करना है, जिसके लिए Renters Insurance ही सही विकल्प है।

दिक्कत यह है कि कई मकान मालिक घर खरीदते वक्त पॉलिसी लेते हैं, लेकिन किराएदार आने के बाद उसे रिन्यू कराना भूल जाते हैं। ऐसे में अगर सिर्फ किराएदार की तरफ से भी पॉलिसी न हो, तो नुकसान की पूरी भरपाई कोई नहीं करता।

क्या कवर होता है?

आग, बिजली गिरने, भूकंप, बाढ़, तूफान और दंगे जैसी घटनाओं से सामान को हुए नुकसान की भरपाई मिलती है। चोरी और सेंधमारी का कवर ज्यादातर पॉलिसी में या तो सीमित होता है या अलग से ऐड-ऑन के तौर पर लेना पड़ता है। अगर मरम्मत के दौरान घर रहने लायक न रहे, तो कुछ पॉलिसी अस्थायी रहने की व्यवस्था का खर्च भी कवर करती हैं।

क्या कवर नहीं होता?

बिना जड़े हुए कीमती पत्थर, पुरानी पांडुलिपियां और आर्टवर्क जैसी चीजें आमतौर पर स्टैंडर्ड पॉलिसी से बाहर रहती हैं। अगर घर में रखे सामान का इस्तेमाल किसी कमर्शियल काम के लिए हो रहा है, तो वह भी अक्सर कवरेज से बाहर होता है।

किराएदारों के लिए यह जरूरी क्यों है?

Renters Insurance न होने पर आग या चोरी जैसी घटना में पूरा नुकसान किराएदार को अकेले ही झेलना पड़ता है।प्रीमियम आमतौर पर बहुत कम होता है, जबकि सामान की कुल वैल्यू अक्सर लाखों में होती है — यह हिसाब खुद ही इसे जरूरी बना देता है।

घर बदलते वक्त क्या ध्यान रखें?

नया घर शिफ्ट करते ही तुरंत इंश्योरर को सूचित करें, वरना पॉलिसी अमान्य हो सकती है। सामान की एक लिस्ट और बिल-रसीदें संभालकर रखें, क्लेम के वक्त यह सबसे काम आती हैं। पूरे परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर हों तो Health Insurance for Family गाइड भी जरूर पढ़ें। ज्यादा जानकारी के लिए IRDAI की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. क्या भारत में Renters Insurance नाम का अलग प्रोडक्ट मिलता है?
नहीं, इसे Tenant Insurance या Contents-only Home Insurance के नाम से बेचा जाता है, काम वही होता है।

2. क्या यह बिल्डिंग को भी कवर करता है?
नहीं, बिल्डिंग का बीमा मकान मालिक की जिम्मेदारी है, यह सिर्फ सामान कवर करता है।

3. क्या चोरी का कवर अपने आप मिलता है?
ज्यादातर पॉलिसी में चोरी सीमित होती है या अलग से ऐड-ऑन लेना पड़ता है।

4. घर बदलने पर क्या करना जरूरी है?
नए पते की जानकारी तुरंत इंश्योरर को देनी चाहिए, वरना पॉलिसी अमान्य हो सकती है।

5. क्या यह पॉलिसी महंगी होती है?
नहीं, प्रीमियम आमतौर पर बहुत कम होता है, सामान की वैल्यू के मुकाबले यह किफायती रहता है।

उपरोक्त जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। पॉलिसी की शर्तें इंश्योरर के हिसाब से अलग होती हैं, खरीदने से पहले पूरी डिटेल जरूर पढ़ें।

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