EPS-95 Pension भारत के लाखों प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों की रिटायरमेंट सिक्योरिटी का सबसे बड़ा जरिया है, लेकिन ज्यादातर लोगों को इसकी पूरी जानकारी नहीं होती। जुलाई 2026 में एक बड़ा बदलाव भी हुआ है, EPF Scheme 2026 अब EPS-95 की जगह ले रही है, हालांकि मौजूदा पेंशनभोगियों को कोई नुकसान नहीं होगा। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि EPS-95 Pension क्या है, इसका फायदा किसे मिलता है, और पेंशन कैसे कैलकुलेट होती है।
EPS-95 Pension क्या है?
1995 में शुरू हुई यह स्कीम EPFO द्वारा चलाई जाती है, और यह खासतौर पर प्राइवेट सेक्टर या संगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए है। इसका मकसद रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को एक तय मासिक पेंशन देना है, ताकि बुढ़ापे में एक स्थिर आमदनी बनी रहे।
Eligibility- किसे मिलती है यह पेंशन?
EPS-95 Pension पाने के लिए कम से कम 10 साल की पेंशनेबल सर्विस पूरी करनी जरूरी है। पूरी पेंशन के लिए उम्र 58 साल होनी चाहिए, हालांकि 50 से 58 साल के बीच घटी हुई दर पर जल्दी पेंशन लेने का विकल्प भी है।
अगर 10 साल से पहले नौकरी छूट जाए, तो EPF Withdrawal Rules के तहत या तो पैसा निकाला जा सकता है, या स्कीम सर्टिफिकेट लेकर सर्विस आगे जोड़ी जा सकती है।
पैसा कहां से आता है?
एम्प्लॉयर के 12% EPF कॉन्ट्रिब्यूशन में से 8.33% हिस्सा EPS-95 Pension फंड में जमा होता है। इसके साथ ही केंद्र सरकार भी वेतन सीमा तक 1.16% का योगदान इसी फंड में करती है। कर्मचारी का अपना कॉन्ट्रिब्यूशन पूरी तरह EPF में ही रहता है, पेंशन फंड में नहीं जाता।
पेंशन कैसे कैलकुलेट होती है?
मासिक पेंशन का फॉर्मूला है — पेंशनेबल सैलरी गुणा पेंशनेबल सर्विस, भाग 70। पेंशनेबल सैलरी यहां आखिरी 60 महीनों की औसत सैलरी मानी जाती है, न कि सिर्फ आखिरी महीने की। यानी जितनी लंबी सर्विस और जितनी ज्यादा सैलरी, EPS-95 Pension उतनी ही बेहतर बनती है।
यह स्कीम सिर्फ रिटायरमेंट तक सीमित नहीं है, स्थायी दिव्यांगता होने पर भी सर्विस की लंबाई चाहे जो हो, आजीवन पेंशन मिलती है। अगर 10 साल की सर्विस पूरी करने के बाद कर्मचारी की मृत्यु हो जाए, तो परिवार को फैमिली पेंशन का हक मिलता है।
मिनिमम पेंशन और बढ़ोतरी की मांग
फिलहाल 2026 में EPS-95 Pension की न्यूनतम रकम ₹1,000 महीना ही है। इसे बढ़ाकर ₹7,500 करने का प्रस्ताव लंबे समय से चर्चा में है, लेकिन अभी तक यह लागू नहीं हुआ है। टैक्स के मामले में भी सावधानी जरूरी है — EPS-95 Pension को हर तरह की एन्हांस्ड स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा अपने आप नहीं मिलता, यह पेंशन के प्रकार पर निर्भर करता है।
2026 में क्या बदला है?
जुलाई 2026 से EPF Scheme 2026 लागू होने के साथ EPS-95 Pension ढांचा नई स्कीम में समा गया है। राहत की बात यह है कि जिन लोगों को पहले से पेंशन मिल रही है, उनकी पेंशन बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
जिन लोगों ने पहले हायर पेंशन का ऑप्शन चुना था, उनका फायदा भी नई स्कीम में पूरी तरह बरकरार रहेगा।
Atal Pension Yojana जैसी दूसरी सरकारी पेंशन स्कीम से तुलना करके भी अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग बेहतर बनाई जा सकती है। ज्यादा आधिकारिक जानकारी के लिए EPFO की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. EPS-95 Pension किसे मिलती है? जिन्होंने कम से कम 10 साल की पेंशनेबल सर्विस पूरी की है और EPFO के सदस्य हैं।
2. पेंशन कैसे कैलकुलेट होती है? पेंशनेबल सैलरी गुणा पेंशनेबल सर्विस, भाग 70 — इस फॉर्मूले से मासिक पेंशन तय होती है।
3. न्यूनतम पेंशन कितनी है? फिलहाल ₹1,000 महीना, हालांकि इसे ₹7,500 करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
4. क्या EPF Scheme 2026 से पुरानी पेंशन प्रभावित होगी? नहीं, मौजूदा पेंशनभोगियों की पेंशन बिना रुकावट जारी रहेगी।
5. 10 साल से पहले नौकरी छूट जाए तो क्या होगा? या तो पैसा निकाला जा सकता है, या स्कीम सर्टिफिकेट लेकर सर्विस आगे जोड़ी जा सकती है।
उपरोक्त जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। सटीक जानकारी के लिए EPFO या अपने HR डिपार्टमेंट से संपर्क करें।

