PRIYANKA GANDHI: केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में मंगलवार को पेश किए गए ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल की समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee – JPC) का गठन किया गया है। इस समिति में कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी वाड्रा के शामिल होने की संभावना है। उनके साथ कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी, रणदीप सुरजेवाला और सुखदेव भगत भी नामांकित किए गए हैं। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पेश किए जाने के बाद विपक्ष ने इसे संविधान और संघीय ढांचे की मूल भावना के खिलाफ बताया।

PRIYANKA GANDHI: बिल को बताया असंवैधानिक
प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “यह बिल असंवैधानिक है और संघीय ढांचे के खिलाफ है। कांग्रेस इसका हर स्तर पर विरोध करेगी।” गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के विरोध को देखते हुए सदन में कहा कि बिल को गहन चर्चा और समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेजा जाएगा। इस समिति में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिससे सभी की राय का समावेश किया जा सके।

संविधान संशोधन के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता है। लोकसभा में 543 सांसदों के वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, बिल को पास कराने के लिए 362 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। फिलहाल, एनडीए के पास सिर्फ 292 सांसद हैं। राज्यसभा में भी सरकार के पास जरूरी बहुमत नहीं है। इस बिल का मकसद लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना है, जिससे समय और धन की बचत हो सके। सरकार का दावा है कि इससे चुनावी प्रक्रिया में एकरूपता आएगी। हालांकि, विपक्ष का तर्क है कि यह भारत के संघीय ढांचे को कमजोर कर सकता है।

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