PRAYAGRAJ STAMPEDE: 29 जनवरी 2025 की रात करीब 1:30 बजे महाकुंभ मेले में भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया। अब तक 20 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मेला क्षेत्र में हड़कंप मच गया और राहत-बचाव कार्य तेज कर दिया गया। मौनी अमावस्या के मौके पर लाखों श्रद्धालु संगम पर पवित्र स्नान के लिए पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह के वक्त संगम की ओर बढ़ रही भीड़ अचानक बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई।

PRAYAGRAJ STAMPEDE: घायलों को अस्पताल भेजा गया
हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। 70 से ज्यादा एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों व मृतकों को अस्पताल भेजा गया। प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज में 14 शव पहले ही पहुंच चुके थे, बाद में और शव लाए गए। सुरक्षा को देखते हुए संगम नोज इलाके में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है। NSG कमांडो को तैनात कर दिया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रयागराज से सटे जिलों में भी श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है और प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है।

सीएम योगी की खास अपील
मौनी अमावस्या के कारण प्रयागराज में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है। प्रशासन के मुताबिक, संगम समेत 44 घाटों पर देर रात तक 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाकुंभ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और अब तक चार बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रयागराज में 8-10 करोड़ श्रद्धालु मौजूद हैं, जिससे संगम नोज और अन्य मार्गों पर भारी भीड़ बनी हुई है। रेलवे ने विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू किया है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित घर भेजा जा सके। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे अपने नजदीकी घाटों पर ही स्नान करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

मौनी अमावस्या 2025 के लिए प्रयागराज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, प्रशासन ने की कड़ी तैयारी
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