PARLIAMENT BUDGET SESSION: संसद के बजट सत्र का 11वां दिन ऐतिहासिक हंगामे और तीखी बहस का गवाह बना। बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए एपस्टीन फाइल्स, अडाणी विवाद और भारत के डेटा सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे उठाए। राहुल गांधी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि अमेरिका में अडाणी पर चल रहा केस वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाने का एक तरीका है। उनके इस भाषण के दौरान सदन में भारी शोर-शराबा हुआ और सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उन्हें टोकते हुए सभी आरोपों के सबूत पेश करने की चुनौती दी।

PARLIAMENT BUDGET SESSION: राहुल गांधी के भाषण पर सरकार का पलटवार
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में पांच विषय उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘भारत माता’ को बेच दिया है और अब देश के महत्वपूर्ण फैसले प्रधानमंत्री के बजाय अमेरिका तय कर रहा है। उन्होंने डेटा सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि एआई (AI) के युग में डेटा ‘पेट्रोल’ के समान कीमती है, लेकिन सरकार ने बजट में विदेशी कंपनियों को इस पर 20 साल का ‘टैक्स हॉलीडे’ दे दिया है। राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए अनिल अंबानी पर भी निशाना साधा और कहा कि वह जानते हैं कि उन्हें एपस्टीन से किसने मिलवाया था।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी अपने दावों को साबित करें अन्यथा उनके भाषण को सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया जाना चाहिए। रिजिजू ने यह भी ऐलान किया कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ सदन में ‘विशेषाधिकार हनन’ का नोटिस पेश करेगी। हालांकि, स्पीकर ने राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि वे अपना भाषण जारी रखें और बाद में सबूत पेश कर दें।(PARLIAMENT BUDGET SESSION)
स्पीकर के चैंबर में बदसलूकी और अविश्वास प्रस्ताव पर विवाद
सदन के बाहर भी माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर आरोप लगाया कि लगभग 20 से 25 सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल भी वहां मौजूद थे लेकिन उन्होंने सांसदों को रोकने की कोशिश नहीं की। इस घटनाक्रम से आहत होकर स्पीकर सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी संसद के भीतर की स्थिति को ‘जहरीला’ करार दिया।

दूसरी ओर, विपक्षी सांसदों द्वारा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए दिए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में तकनीकी खामियां पाई गई हैं। सूत्रों के अनुसार नोटिस में कई गलत तारीखें अंकित हैं, जिसके आधार पर इसे खारिज किया जा सकता था। हालांकि, स्पीकर ने उदारता दिखाते हुए सचिवालय को इन कमियों को सुधारने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। फिलहाल, प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों ने ‘हमें न्याय चाहिए’ के नारे लगाए और सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे बजट पर चर्चा की सामान्य प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हुई है।

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