PAINKHANDA JOSHIMATH OBC: चमोली जिले के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र पैनखंडा के निवासियों ने आज, 27 फरवरी 2026 को अपनी वर्षों पुरानी मांग को लेकर शक्ति प्रदर्शन किया। पैनखंडा संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस विशाल रैली में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। समुदाय की मुख्य मांग क्षेत्र की 73 जातियों को केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में शामिल करना है। आंदोलन के समर्थन में जोशीमठ का मुख्य बाजार बंद रहा।

PAINKHANDA JOSHIMATH OBC: राज्य में ओबीसी, केंद्र में सामान्य
पैनखंडा क्षेत्र, जिसमें जोशीमठ विकासखंड की 43 ग्राम पंचायतें शामिल हैं, लंबे समय से एक ‘आरक्षण विसंगति’ का सामना कर रहा है।
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राज्य स्तर: 2016 में उत्तराखंड सरकार ने इस क्षेत्र को ओबीसी का दर्जा दिया था, जिससे इन्हें राज्य की सेवाओं में 14 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है।
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केंद्रीय स्तर: केंद्रीय सूची में शामिल न होने के कारण यहाँ के युवा केंद्र सरकार की नौकरियों और IIT, IIM जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

संसद से सड़क तक गूंजी मांग
यह मुद्दा केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। 25 जुलाई 2024 को राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने संसद में इस विषय को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने तर्क दिया था कि तिब्बत सीमा से सटे इस क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन इसे केंद्रीय ओबीसी सूची का हकदार बनाता है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कुंवर ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार इस पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।

रणनीतिक महत्व और सामाजिक ढांचा
पैनखंडा समुदाय की कुल आबादी लगभग 48,202 है, जो मुख्य रूप से कृषि और पशुपालन पर निर्भर है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के नाते यहाँ के लोगों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अहम है। स्थानीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी ने बताया कि पूरे क्षेत्र की एकजुटता यह दर्शाती है कि यह मांग अब अस्मिता की लड़ाई बन चुकी है। फिलहाल, राज्य सरकार की सिफारिश के बावजूद राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) के स्तर पर यह प्रक्रिया लंबित है।

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