NATIONAL FARMERS DAY: हर साल 23 दिसंबर को राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर किसानों के योगदान को सम्मान देने और उनके कल्याण के लिए जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है। 2024 में किसान दिवस का विषय “स्थायी कृषि के लिए किसानों को सशक्त बनाना” रखा गया है। यह विषय टिकाऊ खेती और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देता है।

NATIONAL FARMERS DAY: चौधरी चरण सिंह को समर्पित आज का दिन
चौधरी चरण सिंह का जन्म 1902 में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नूरपुर गांव में हुआ था। एक किसान परिवार में जन्मे चरण सिंह ने अपने जीवन को किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। आजादी के आंदोलन में भाग लेने के साथ-साथ उन्होंने किसानों के अधिकारों और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए। स्वतंत्र भारत में उनकी नीतियों और सुधारों ने उन्हें किसानों का मसीहा बना दिया।

चौधरी चरण सिंह और भारत के किसान
चौधरी चरण सिंह ने जमींदारी उन्मूलन कानून जैसे ऐतिहासिक सुधार किए, जिससे जमींदारों के पास से अतिरिक्त जमीन लेकर भूमिहीन किसानों को दी गई। इसके अलावा, 1939 में उन्होंने ऋण मोचन विधेयक पेश किया, जो साहूकारों के चंगुल से किसानों को आजाद करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। मुख्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने कई बड़े बदलाव किए, जिनमें पटवारी सुधार और आरक्षण की शुरुआत शामिल है। 1978 में उन्होंने किसान ट्रस्ट की स्थापना की, जो ग्रामीण समाज को न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बनाया गया था।

1979 से 1980 तक उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। हालांकि उनका कार्यकाल छोटा था, लेकिन उन्होंने इस दौरान किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। उनके प्रयासों से भारतीय कृषि क्षेत्र में स्थिरता और प्रगति का मार्ग प्रशस्त हुआ। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि सच्चे नेतृत्व से समाज के कमजोर वर्गों को किस तरह सशक्त किया जा सकता है।

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