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PM Modi-Trump Talk: ‘प्रोडक्टिव बातचीत’ के बाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बढ़ी हलचल, व्यापार से लेकर रक्षा और ऊर्जा पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को फोन पर बातचीत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत को ‘प्रोडक्टिव’ यानी सकारात्मक और सार्थक बताया। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों के कई अहम पहलुओं की समीक्षा की, जिनमें व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर बातचीत की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

Modi trump वार्ता व्यापार बातचीत के केंद्र मेंModi

मोदी-ट्रंप की बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण संदर्भ भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता है। दोनों देश एक प्रस्तावित Bilateral Trade Agreement (BTA) पर बातचीत कर रहे हैं। भारत की ओर से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका के दौरे पर हैं। उनके कार्यक्रम में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत और G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेना शामिल है।

भारत का कहना है कि प्रस्तावित समझौता संतुलित और दोनों देशों के लिए लाभकारी होना चाहिए। कई दौर की बातचीत के बावजूद कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में मोदी और ट्रंप की सीधी बातचीत को वार्ता प्रक्रिया के व्यापक राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।

हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में किसी अंतिम व्यापार समझौते या तत्काल नई टैरिफ व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई है। इसलिए फोन पर हुई बातचीत को व्यापार समझौते के अंतिम होने के संकेत के रूप में देखना अभी जल्दबाजी होगी।

Modi Trump वार्ता में टैरिफ का मुद्दा भी अहम

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में अमेरिकी टैरिफ लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा बने हुए हैं। भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में शुल्क की दरें लागत और प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकती हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन भारत के बाजार में अमेरिकी उत्पादों की बेहतर पहुंच और व्यापार संतुलन से जुड़े मुद्दे उठाता रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच वार्ता ऐसे समय जारी है जब अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर संभावित अतिरिक्त शुल्क से जुड़े प्रावधान भी आगे बढ़ाए हैं। भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है, इसलिए इन प्रावधानों को लेकर नई दिल्ली की अपनी चिंताएं हैं।

भारत ने संकेत दिया है कि ऊर्जा सुरक्षा उसके लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित है। यही वजह है कि व्यापार और ऊर्जा के मुद्दे अब व्यापक भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के साथ जुड़े हुए हैं।

Modi Trump वार्ता में रूस से तेल खरीद पर भी चिंता

मोदी और ट्रंप की बातचीत ऐसे समय हुई जब रूस से भारत की तेल खरीद को लेकर अमेरिका में चर्चा तेज है। अमेरिकी कानून में रूस से तेल और गैस खरीद जारी रखने वाले देशों पर संभावित टैरिफ की व्यवस्था को लेकर भारत ने अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।

भारत के लिए रूस लंबे समय से एक प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ता रहा है। इसलिए अमेरिकी प्रतिबंधों या अतिरिक्त शुल्क की किसी भी संभावित व्यवस्था का असर भारत की ऊर्जा लागत और व्यापक आर्थिक संबंधों पर पड़ सकता है।

हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक बयान में रूस या तेल का सीधे उल्लेख नहीं किया गया। इसलिए इस विषय पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत में क्या विशेष रूप से चर्चा हुई, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

Modi Trump के बीच रक्षा और तकनीक भी एजेंडे में

व्यापार के अलावा रक्षा सहयोग भी भारत-अमेरिका संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों देशों ने पिछले वर्षों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग को व्यापक बनाया है। महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियां भी द्विपक्षीय संबंधों में लगातार प्रमुख होती जा रही हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी और ट्रंप ने critical technologies समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। इसका संबंध आधुनिक तकनीक, रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखलाओं और उन्नत तकनीकी सहयोग से है।

ऊर्जा क्षेत्र भी बातचीत के एजेंडे में शामिल रहा। भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा व्यापार पहले से ही द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों का एक हिस्सा है और बदलते वैश्विक ऊर्जा बाजार के बीच इसकी अहमियत बढ़ी है।

दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी पर जोर

फोन बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका Comprehensive Global Strategic Partnership को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, दोनों पक्षों ने दोनों देशों के लोगों के हित में सहयोग को और गहरा करने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।

मोदी और ट्रंप ने क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए। इसमें वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जारी प्रयासों पर चर्चा शामिल रही।

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अब आगे क्या?

अब निगाहें भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के अगले दौर पर हैं। पीयूष गोयल की अमेरिका यात्रा इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों पक्ष प्रस्तावित व्यापार व्यवस्था के शेष मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।

मोदी-ट्रंप बातचीत के बाद दोनों देशों ने संवाद जारी रखने पर सहमति जताई है। हालांकि, किसी अंतिम व्यापार समझौते की घोषणा अभी नहीं हुई है। इसलिए आने वाले दिनों में वार्ता की प्रगति, टैरिफ से जुड़े मुद्दों और ऊर्जा संबंधी मतभेदों पर होने वाली चर्चा अहम रहेगी।

फिलहाल, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बातचीत को ‘प्रोडक्टिव’ बताए जाने और दोनों नेताओं द्वारा रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराए जाने से यह स्पष्ट है कि भारत और अमेरिका व्यापार के साथ-साथ रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग को भी व्यापक द्विपक्षीय रिश्ते के हिस्से के रूप में आगे बढ़ाने पर बातचीत जारी रखे हुए हैं।

 

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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