Meerut Blue Drum Case में अदालत ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी पाया गया था। करीब डेढ़ साल पुराने इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। फैसले के बाद सौरभ के परिवार ने राहत की सांस ली है।
जज ने क्या कहा?
मेरठ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने यह फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान दोनों दोषी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश हुए। फैसला सुनाते हुए जज ने महाभारत का ज़िक्र किया और कहा कि दंड भी एक तरह का धर्म है।
उन्होंने कहा कि समाज में व्यवस्था बनाए रखने के लिए सजा ज़रूरी है। अदालत ने दोनों पर हत्या के साथ अन्य धाराओं में जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले 30 सितंबर 2026 को अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था।
क्या था पूरा मामला?
सौरभ राजपूत पहले मर्चेंट नेवी में काम करते थे और बाद में लंदन में सेल्स मैनेजर की नौकरी कर रहे थे। उन्होंने 2016 में मुस्कान से प्रेम विवाह किया था और दोनों की एक बेटी है। सौरभ 24 फरवरी 2025 को परिवार के जन्मदिन मनाने लंदन से मेरठ लौटे थे।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने उनके खाने में नशीला पदार्थ मिलाया, जिससे वह बेहोश हो गए। इसके बाद मुस्कान और साहिल ने चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। सबूत छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर एक नीले प्लास्टिक ड्रम में रखे गए और ऊपर से सीमेंट और रेत भर दी गई।
ऐसे खुला राज
हत्या के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। 17 मार्च 2025 को रिश्तेदारों को शक हुआ और पुलिस ने घर से ड्रम बरामद कर पूरी साज़िश का खुलासा किया। ड्रम में शव मिलने की खबर सामने आते ही यह मामला सोशल मीडिया पर “नीला ड्रम केस” के नाम से चर्चा में आ गया था।
Meerut Blue Drum Case में किन सबूतों ने निभाई अहम भूमिका?
अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य, फॉरेंसिक और तकनीकी सबूत अदालत में पेश किए। जिन दुकानदारों से ड्रम, सीमेंट, रेत और औज़ार खरीदे गए थे, उन्होंने भी गवाही दी। कॉल डिटेल और मोबाइल टावर लोकेशन से साहिल की मौके पर मौजूदगी और दोनों की हिमाचल यात्रा साबित हुई। अभियोजन से जुड़े वकील के मुताबिक मुकदमे में कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज हुए।

परिवार और वकीलों की प्रतिक्रिया
फैसले के समय सौरभ की मां रेणु राजपूत और उनके भाई अदालत में मौजूद थे। परिवार लंबे समय से दोनों दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग कर रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक मुस्कान के माता पिता ने भी अदालत को लिखित में बताया था कि वे अपनी बेटी के लिए फांसी की सजा का विरोध नहीं करेंगे। अभियोजन से जुड़े वकील ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया।
अब आगे क्या होगा?
भारतीय कानून के तहत निचली अदालत की ओर से दी गई फांसी की सजा पर अमल से पहले हाईकोर्ट की पुष्टि ज़रूरी होती है। दोषियों के पास हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का भी अधिकार है। Meerut Blue Drum Case का यह फैसला अपराध की गंभीरता को देखते हुए आने वाले समय में कई मामलों के लिए मिसाल माना जा रहा है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. Meerut Blue Drum Case में किसे फांसी की सजा मिली?
Meerut Blue Drum Case में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई है।
2. Meerut Blue Drum Case में फैसला किस दिन आया?
दोनों को 30 सितंबर 2026 को दोषी ठहराया गया और 14 अक्टूबर 2026 को सजा सुनाई गई।
3. सौरभ राजपूत की हत्या कब हुई थी?
अभियोजन के अनुसार हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी और 17 मार्च 2025 को मामला सामने आया।
4. क्या दोषी Meerut Blue Drum Case फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं?
हां, फांसी की सजा पर हाईकोर्ट की पुष्टि ज़रूरी है और दोषी हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं।
5. Meerut Blue Drum Case फैसले की विस्तृत खबर कहां पढ़ें?
फैसले से जुड़ी विस्तृत जानकारी इस रिपोर्ट में पढ़ी जा सकती है।
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उपरोक्त Meerut Blue Drum Case की जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

