Friday, September 23, 2022
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मायावती करेंगी अखिलेश का समर्थन, भाजपा की बी-टीम का मिथक तोड़ने का प्रयास

Mayawati और अखिलेश साथ साथ,क्या दोनों भाजपा को दे पाएंगे मात?

उत्तर प्रदेश की सियासत में सपा और बसपा के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने लगी है। 2019 के बाद अखिलेश यादव को फिर  Mayawati का किसी मुद्दे पर समर्थन मिला है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि मायावती के बदलते तेवर के बीच क्या वाकई सपा के साथ रिश्ते सुधारने की कवायद है या फिर बीजेपी के बी-टीम वाले मिथक को तोड़ने की रणनीति?

उत्तर प्रदेश की सियासत 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले नई करवट ले रही है। जहां एक तरफ सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर की फिर से बीजेपी के साथ नज़दीकियाँ बढ़ रही हैं वहीं दूसरी ओर 3 साल के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव को बसपा अध्यक्ष मायावती का साथ मिला है। इसके बाद कयास लगाए जा रहे कि क्या बसपा -सपा फिर साथ आएंगे ?

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Mayawati ने किया अखिलेश का समर्थन, उत्तर प्रदेश की राजनीति फिर गरमाई

विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव कि अगुवाई में पार्टी ने कई मुद्दों को लेकर पैदल मार्च निकाला था जिसे पुलिस ने रोक दिया था। वहीं इस बात पर Mayawati ने एक के बाद 3 tweet करके भाजपा सरकार पर जमकर हल्ला बोला और सपा के लिए नरमी दिखाई।

मायावती ने सीधे तौर पर अपने tweet में सपा और अखिलेश का नाम तो नहीं लिया लेकिन विरोध प्रदर्शन पर इजाजत नहीं दिये जाने पर सरकार पर निशाना साधा। बताते चलें कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद सपा -बसपा गठबंधन टूटने के बाद शायद पहली बार है जब मायावती ने किसी मुद्दे पर सपा का समर्थन किया है। मायावती के इस tweet के बाद चर्चा तेज कि क्या सपा और बसपा फिर एक साथ आएंगे।

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Mayawati को लेकर राजनीतिक विश्लेषक इसे उनकी सोची समझी रणनीति बता रहे हैं

राजनीतिक विश्लेषक यह भी मानते है कि Mayawati [बसपा प्रमुख] ऐसे ही  सपा के समर्थन और बीजेपी के खिलाफ  मुखर नहीं हुई हैं बल्कि एक सोची समझी रणनीति बताई। मायावती अपने सियासी वोटों को जोड़ने के बाद भी यह बात समझ रही है कि 2024 के चुनाव में तब तक बड़ी ताकत नहीं बन सकती जबतक मुस्लिम उनके साथ नहीं आता और इन्हीं मुस्लिम वोट को जोड़ने के लिए लगातार सक्रिय हैं। इसी कड़ी में बीजेपी के बी -टीम का मिथक भी तोड़ने का प्रयास कर रही हैं। मायावती ने जहां एक तरफ मुस्लिमों को रिझाने का प्रयास शुरू कर दिया और दूसरी तरफ वो बीजेपी पर लगातार हमला कर रही है।

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