HomePersonal FinanceLeave Encashment पर टैक्स कैसे लगता है? नौकरी छोड़ते वक्त जानें

Leave Encashment पर टैक्स कैसे लगता है? नौकरी छोड़ते वक्त जानें

Leave Encashment Tax को समझे बिना नौकरी छोड़ते वक्त मिलने वाली बड़ी रकम पर अचानक भारी टैक्स कट सकता है। AY 2026-27 के लिए सैलरीड लोगों की ITR डेडलाइन 31 जुलाई 2026 है, यानी बिल्कुल पास है, इसलिए यह जानकारी अभी सबसे ज्यादा काम की है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि Leave Encashment Tax कब लगता है, कब नहीं, और प्राइवेट कर्मचारियों के लिए छूट कैसे कैलकुलेट होती है।

Leave Encashment Tax कब लगता है, कब नहीं?

अगर नौकरी के दौरान ही हर साल लीव इनकैश कराई जाए, तो पूरी रकम पर सैलरी की तरह पूरा टैक्स लगता है, कोई छूट नहीं मिलती। रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने पर मिलने वाली Leave Encashment पर ही Section 10(10AA) के तहत छूट का फायदा मिलता है। अगर सर्विस के दौरान कर्मचारी की मृत्यु हो जाए, तो परिवार को मिलने वाली पूरी रकम बिना किसी सीमा के पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।

Government Employees के लिए Leave Encashment Tax का नियम

Leave Encashment Tax को लेकर सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा फर्क यहीं दिखता है। केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर मिलने वाली पूरी Leave Encashment बिना किसी सीमा के टैक्स-फ्री होती है। यहां कोई फॉर्मूला या कैलकुलेशन नहीं लगानी पड़ती, पूरी रकम सीधे छूट में आ जाती है।

Private Employees के लिए Leave Encashment Tax कैसे कैलकुलेट होता है?

प्राइवेट कर्मचारियों के लिए छूट चार आंकड़ों में से सबसे कम वाले पर मिलती है।

पहला — असल में मिली रकम, दूसरा — हर पूरे साल की सर्विस के लिए 30 दिन के हिसाब से कैश इक्विवैलेंट।

तीसरा — रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 10 महीनों की औसत सैलरी, यानी Basic + DA।

चौथा और आखिरी — ₹25 लाख की स्टैचुटरी सीमा, जो 2026 के बजट में भी बिना बदलाव जारी रही।

सैलरी का यह हिसाब सिर्फ Basic + DA पर आधारित होता है, ठीक वैसे ही जैसे HRA Exemption Calculation में भी गिना जाता है।

₹25 लाख की सीमा — जरूरी बात

यह ₹25 लाख की छूट एक बार की नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी में सभी एम्प्लॉयर्स को मिलाकर एक ही बार मिलती है। यानी अगर पिछली नौकरी में पहले ही ₹8 लाख की छूट क्लेम हो चुकी है, तो अगली बार सिर्फ ₹17 लाख की जगह ही बचती है। Leave Encashment Tax की छूट Old और New दोनों टैक्स रिजीम में मिलती है, बजट 2023 ने इसे खास तौर पर सुरक्षित रखा था।

किन गलतियों से बचें

Leave Encashment Tax को लेकर छोटी-छोटी गलतियां अक्सर बड़ा नुकसान करा देती हैं। Casual या Sick Leave को इनकैश कराना आम गलती है, ज्यादातर मामलों में सिर्फ Earned या Privilege Leave ही इस छूट के दायरे में आती है। यह मान लेना भी गलत है कि पूरी रकम अपने आप टैक्स-फ्री हो जाएगी, कई बार एम्प्लॉयर खुद सही कैलकुलेशन नहीं करता।

Form 16 में दिखाई गई छूट को खुद भी क्रॉस-चेक करें, यह गलती Form 15G 15H जैसे दूसरे टैक्स फॉर्म भरते वक्त भी लोग अक्सर करते हैं। ज्यादा आधिकारिक जानकारी के लिए Income Tax Department की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. Leave Encashment Tax कब लगता है?
नौकरी के दौरान इनकैश कराई गई रकम पूरी तरह टैक्सेबल होती है, सिर्फ रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने पर छूट मिलती है।

2. सरकारी कर्मचारियों के लिए क्या नियम है?
उनकी पूरी Leave Encashment बिना किसी सीमा के टैक्स-फ्री होती है।

3. प्राइवेट कर्मचारियों के लिए अधिकतम छूट कितनी है?
₹25 लाख, लेकिन यह चार आंकड़ों में से सबसे कम वाले पर निर्भर करती है।

4. क्या ₹25 लाख की सीमा हर नौकरी पर अलग मिलती है?
नहीं, यह पूरी जिंदगी में सभी एम्प्लॉयर्स को मिलाकर सिर्फ एक बार मिलती है।

5. क्या मृत्यु होने पर भी टैक्स लगता है?
नहीं, कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार को मिलने वाली पूरी रकम बिना सीमा के टैक्स-फ्री होती है।

उपरोक्त जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। सटीक टैक्स प्लानिंग के लिए किसी प्रमाणित चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह जरूर लें।

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