क्यों मोदी सरकार लेकर आई ‘अग्निपथ योजना’ ? 4 साल के लिए सेना में भर्ती होंगे युवा…

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अग्नीपथ योजना लॉन्च

दिल्ली,ब्यूरो : केंद्रीय  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैनिकों की भर्ती के लिए आज ‘अग्निपथ योजना’ की घोषणा की है ।इसके लिए  केंद्र सरकार ने सेना भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। बता दें कि अब सरकार सेना में ‘अग्निपथ योजना’ के तहत भर्तियां करेगी। योजना के तहत युवाओं की सेना में केवल 4 साल के लिए भर्ती की जाएगी।  इसके साथ ही नौकरी छोड़ते वक्त युवाओं को सेवा निधि पैकेज मिलेगा। लेकिन सोचने वाली बात ये है कि आखिर क्यों मोदी सरकार ‘अग्निपथ योजना’ लेकर आई है ?

बता दें कि ‘अग्निपथ योजना’ के तहत सेना में शामिल होने वाले युवाओं को अग्निवीर कहा जाएगा। वहीं तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस योजना का प्रेजेंटेशन दिया था। इस योजना के तहत सेना में युवा कम समय के लिए भर्ती हो सकेंगे। योजना को अग्निपथ स्कीम नाम दिया गया है। योजना के तहत युवा चार साल के लिए सेना में शामिल हो सकते हैं । योजना के तहत मेरिट में आए युवाओं को सेना के लिए चुना जाएगा। साढ़े 17 से 21 साल उम्र के युवा इसमें नौकरी पा सकते हैं। चुने गए कैंडिडेट्स बतौर अग्निवीर 4 साल तक सेना में अपनी सेवाएं देंगे और चार साल की सेवा के बाद अग्निवीर सेना की नौकरी छोड़ देंगे। मेरिट के आधार पर और सेना की जरूरत के हिसाब से 25 फीसद अग्निवीरों को रेगुलर कैडर में भी समायोजित किया जा सकता है। होलोग्राफिक्स, नाइट, फायर कंट्रोल सिस्टम और हैंड हेल्ड टारगेट सिस्टम भी जवानों के हाथ में दिए जाएंगे। जिसके लिए 10 हफ्ते से लेकर 6 महीने तक ट्रेनिंग दी जाएगी।ये भी पढ़े-बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी- पीएम मोदी ने किया ऐलान, अगले डेढ़ साल में दी जाएंगी 10 लाख नौकरियां

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क्यों मोदी सरकार लेकर आई ‘अग्निपथ योजना’

सिर्फ 4 साल के लिए ही सरकार युवाओं को सेना में भर्ती करेगी, ऐसे में सवाल है कि क्यों मोदी सरकार  ‘अग्निपथ योजना’ लेकर आई है। इसे लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना को दुनिया की बेहतरीन सेना बनाने के लिए सुरक्षा संबंधी कैबिनेट कमेटी ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। हम अग्निपथ नामक एक योजना ला रहे हैं जो हमारी सेना में परिवर्तनकारी बदलाव कर उन्हें पूरी तरह से आधुनिक और सुसज्जित बनाएगी। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना से रोजगार का अवसर बढ़ेगा। इससे अर्थव्यवस्था को भी उच्च कुशल कार्यबल की उपलब्धता होगी। ये भी पढ़े-पैगंबर पर विवादित बयान का मामला : क्या दिल्ली,यूपी और बंगाल में हुई हिंसा के पीछे पाकिस्तान की साजिश ?