यहां माता को क्यों देते हैं भक्त गालियां?

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Kodungallur Bhagavathy Temple
Kodungallur Bhagavathy Temple

Kodungallur Bhagavathy Temple में देवी के लिए गाए जाते हैं अशिष्ट गीत

Kodungallur Bhagavathy Temple: क्या आपने कभी किसी ऐसे मंदिर के बारे में सुना है जहां देवी माता को गालियां दी जाती हैं, उन पर प्रसाद फेंका जाता है, माता के लिए अशिष्ट गाने गाए जाते हैं, माता के मंदिर की छत पर डंडे मारे जाते हैं। इस मंदिर में एक मेले के दौरान पूरे मंदिर में खून ही खून नजर आता है ऐसा लगता है मानों यहां खून की होली खेली गई हो।

ये एक रहस्यमयी मंदिर (Kodungallur Bhagavathy Temple) है जो केरल के त्रिशूर में स्थित है जिसका नाम है कोडुंगल्लूर भगवती मंदिर। इस मंदिर में महाकाली के स्वरूप भद्रकाली (Kodungallur Bhagavathy Temple) को पूजा जाता है। यहां के लोग मां भद्रकाली को इष्टदेवी के रूप में मानते हैं और पूजते हैं। मां भद्रकाली वैसे तो अपने क्रोधित स्वभाव के लिए जानी जाती है लेकिन मां भद्रकाली अपने भक्तों से तब प्रसन्न होती है जब मां के भक्त उनके लिए अपशब्दों का प्रयोग करते हैं।

दरअसल ऐसा एक त्योहार के दौरान होता है जिसका नाम है भरणी फेस्टीवल। ये त्योहार मलयालम महीने “मीनम” यानी की मार्च से अप्रैल के बीच में मनाया जाता है। इस त्योहार के दौरान पूरे मंदिर (Kodungallur Bhagavathy Temple) परिसर में खून ही खून दिखाई देता है। मां भद्रकाली के भक्त त्योहार के पहले दिन मंदिर में तांदव करते हैं और ऐसा करते हुए मां भद्रकाली को मुकुट पहनाया जाता है।

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ये त्योहार 7 दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान माता को तलवार भेंट की जाती है। इसके पीछे मान्यता है कि ऐसा करने से भक्त सीधे देवी मां से संवाद कर पाते हैं। इस त्योहार के दौरान माता के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और साथ ही अशिष्ट गानें भी गाए जाते हैं।

इस दौरान माता को जब प्रसाद या फिर चढ़ावा चढ़ाया जाता है तो वो माता के चरणों में नहीं बल्की उनकी मूर्ती के ऊपर फेंका जाता है। वहीं मंदिर (Kodungallur Bhagavathy Temple) की छत पर भक्त लगातार डंडों से वार करते हैं। इन सात दिनों में मंदिर (Kodungallur Bhagavathy Temple) परिसर में खून ही खून फैला होता है, ये खून भक्तों का होता है जो अपने ऊपर इन 7 दिनों में वार करते हैं।

इस त्योहार के खत्म होने के बाद मंदिर (Kodungallur Bhagavathy Temple) को एक हफ्ते के लिए बंद कर दिया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि मंदिर को इसलिए बंद किया जाता है ताकी मंदिर (Kodungallur Bhagavathy Temple) में फैले खून को साफ किया जा सके। बताया जाता है कि मंदिर (Kodungallur Bhagavathy Temple) का निर्माण कन्नकी के राजा शेरा द्वारा करवाया गया था और साथ ही यह भी कहा जाता है कि इस मंदिर (Kodungallur Bhagavathy Temple) में पहले केवल भगवान शिव की ही मूर्ती थी लेकिन फिर बाद में भगवान परशुराम द्वारा शिव जी के बगल में मां भद्रकाली की मूर्ती को स्थापित किया गया।

इस मंदिर (Kodungallur Bhagavathy Temple) को लेकर लोगों की मान्यता है कि मंदिर में जो भी रस्में होती हैं वो करने के लिए देवी मां ही उन्हें आदेश देती हैं। वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर (Kodungallur Bhagavathy Temple) में एक बार राजघराने की एक महिला पूजा करने गई थी लेकिन एक बहुत ही अजीब घटना यहां घटी जब ये महिला वहां मौजूद माता की मूर्ती में समा गई, कहा जाता है कि वो महिला देवी का ही स्वरूप थी।

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