KEDARNATH ACCIDENT: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने आम लोगों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। सोमवार सुबह रुद्रप्रयाग–गौरीकुंड हाईवे पर सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया स्लाइडिंग जोन में एक यात्री वाहन पर भारी बोल्डर गिर गया। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना सुबह करीब सवा सात बजे की है जब एक मैक्स बोलेरो वाहन संख्या यूके 11 टीए 1100 सोनप्रयाग से गौरीकुंड की ओर 11 सवारियों को लेकर जा रहा था। तभी मुनकटिया भूस्खलन क्षेत्र में ऊपर से एक बड़ा पत्थर अचानक आ गिरा और सीधे वाहन से टकरा गया।

टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना में 30 वर्षीय रीता पत्नी उदय सिंह और 50 वर्षीय चंद्र सिंह पुत्र कलम सिंह, दोनों निवासी सियालब, थाना बड़कोट, जिला उत्तरकाशी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में घायल यात्रियों में नवीन सिंह रावत (35 वर्ष), ममता (29 वर्ष) और प्रतिभा (25 वर्ष) शामिल हैं। इनमें से नवीन सिंह और ममता की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें सोनप्रयाग अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज सोनप्रयाग अस्पताल में चल रहा है। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग और रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
KEDARNATH ACCIDENT: कई जिलों में रेड अलर्ट, स्कूलों में अवकाश
मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। लगातार बारिश और संभावित खतरे को देखते हुए राज्यभर के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। रविवार को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल के अनुसार, फिलहाल मानसून अपने चरम पर है और आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश से प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में गिरावट भी दर्ज की जा सकती है।

KEDARNATH ACCIDENT: यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्कता बरतने की अपील
भारी बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके। मुनकटिया हादसा एक बार फिर इस बात की गंभीर चेतावनी है कि पहाड़ों पर सफर के दौरान मौसम और सुरक्षा को लेकर लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन लगातार यात्रियों को सतर्क रहने और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा करने की अपील कर रहा है।(KEDARNATH ACCIDENT)

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