JEWAR AIRPORT: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने इतिहास रचते हुए सोमवार को अपनी पहली सफल लैंडिंग का गवाह बना। यह लैंडिंग सिर्फ एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि भारत के सबसे महत्वाकांक्षी एविएशन प्रोजेक्ट्स में से एक की बड़ी उपलब्धि थी। दिल्ली से उड़ान भरने वाला इंडिगो का ए-320 विमान दोपहर 1:31 बजे नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर उतरा, जो इस एयरपोर्ट के लिए नई शुरुआत का संकेत है। यह विमान मात्र 10 मिनट में फ्लाइंग जोन में पहुंचा और उपकरणों तथा अन्य व्यवस्थाओं की जांच के लिए डेढ़ घंटे तक एयरपोर्ट के आसपास मंडराता रहा।

JEWAR AIRPORT का निर्माण अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों से किया गया है
इस ऐतिहासिक लैंडिंग से पहले रनवे को वाटर कैनन सलामी दी गई, और इस खास मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री व प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नोएडा एयरपोर्ट के रनवे का निर्माण अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों से किया गया है। 3900 मीटर लंबे और 60 मीटर चौड़े इस रनवे पर कैट-1 और कैट-3 उपकरण लगाए गए हैं, जो कोहरे और कम दृश्यता में भी विमान की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करते हैं। इसके साथ ही इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) भी स्थापित किया गया है, जिसकी सफल जांच अक्टूबर में पूरी की गई थी।

अप्रैल तक शुरू हो सकती हैं व्यावसायिक उड़ानें
एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर में तैयार हो रहा है, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1.2 करोड़ होगी। भविष्य में चार चरणों में विस्तार के बाद 2050 तक यह क्षमता सात करोड़ यात्रियों तक पहुंचने की उम्मीद है। इस परियोजना से जुड़े प्रमुख मील के पत्थर पहले ही हासिल किए जा चुके हैं। आईएलएस कैलिब्रेशन और फ्लाइट ट्रायल का अप्रूवल डीजीसीए से मिल चुका है। फरवरी 2025 तक टिकट बुकिंग सेवा शुरू होने की संभावना है, और 17 अप्रैल तक व्यावसायिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी।

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