ISRO SPADEX MISSION: इसरो का स्पेडेक्स मिशन अंतरिक्ष में एक नई उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाने वाला है। इस मिशन के तहत, दो अंतरिक्ष यान को बुलेट की गति से भी तेज गति में यात्रा करते हुए आपस में जोड़ा जाएगा। इसे डॉकिंग कहा जाता है, और यदि यह मिशन सफल होता है, तो भारत, रूस, अमेरिका और चीन के बाद ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। स्पेडेक्स मिशन को 30 दिसंबर को रात 10 बजे श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी60 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। इसरो ने अपने यूट्यूब चैनल पर रात 9:30 बजे से इसकी लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करेगा।

ISRO SPADEX MISSION क्या है?
इस मिशन में इसरो दो स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की निचली कक्षा में आपस में जोड़ने और उनके बीच इलेक्ट्रिक पावर ट्रांसफर तकनीक का परीक्षण करेगा। दोनों स्पेसक्राफ्ट को एक कक्षा में 5 किमी दूर रखा जाएगा और उनकी गति को 28,800 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने के बाद नियंत्रित कर 0.25 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर लाकर जोड़ा जाएगा। इस तकनीक का उपयोग चंद्रयान-4 मिशन में भी किया जाएगा, जिसमें चंद्रमा से सैंपल पृथ्वी पर लाए जाएंगे। डॉकिंग तकनीक का इस्तेमाल भारत के अंतरिक्ष स्टेशन बनाने और साझा मिशनों के लिए भी किया जाएगा।

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