/ Mar 16, 2026
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ISRAEL IRAN WAR: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़ा भीषण संघर्ष अपने 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए ऑपरेशन “Epic Fury” के बाद से मध्य पूर्व की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस युद्ध का असर अब न केवल सैन्य मोर्चों पर, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और भारतीय ऊर्जा सुरक्षा पर भी दिखने लगा है। जहाँ एक ओर ईरान अपनी घातक मिसाइलों से पलटवार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर भी सामने आई है।
मध्य पूर्व में जारी भारी गोलाबारी और समुद्री प्रतिबंधों के बीच भारतीय रसद जहाजों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ कतर से लगभग 46 हजार मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर भारत के मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) पहुँचने वाला है। आंकड़ों के लिहाज से यह खेप बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे लगभग 32.4 लाख घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति संभव हो सकेगी।
ईरान ने 14 मार्च को विशेष अनुमति देते हुए ‘शिवालिक’ को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी। इसके अतिरिक्त, दो अन्य जहाज ‘नंदा देवी’ और ‘जग लाडकी’ भी कल तक भारत पहुँच सकते हैं। नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन एलपीजी लदी हुई है। ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना वर्तमान वैश्विक संकट के बीच भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक राहत मानी जा रही है।
युद्ध के मैदान में ईरान की ओर से तकनीकी और सैन्य जवाबी कार्रवाई तेज हो गई है। ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजराइल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए अपनी रणनीतिक ‘सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल’ का इस्तेमाल किया है। यह सॉलिड फ्यूल से चलने वाली मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 2000 से 2500 किलोमीटर तक बताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों और ‘द नेशनल इंटरेस्ट’ पत्रिका के अनुसार, इस मिसाइल की रेंज बेहद विस्तृत है। ISRAEL IRAN WAR की जद में न केवल मध्य पूर्व के देश, बल्कि मिस्र, सूडान, यूक्रेन का बड़ा हिस्सा, दक्षिणी रूस, पश्चिमी चीन और भारत सहित हिंद महासागर के क्षेत्र भी आ सकते हैं। मिसाइल तकनीक में ईरान का यह विकास दक्षिण एशिया और भूमध्य सागर के क्षेत्रों के लिए सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा रहा है।
ISRAEL IRAN WAR के माहौल के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कानून प्रवर्तन एजेंसियां सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रख रही हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फर्जी वीडियो और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में UAE प्रशासन ने 35 लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं, जिनमें 19 भारतीय नागरिक शामिल हैं। UAE के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्स ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई समाज में डर और अशांति फैलने से रोकने के लिए की गई है। डिजिटल निगरानी के दौरान पाया गया कि ये लोग युद्ध से जुड़ी गलत सूचनाएं प्रसारित कर रहे थे।
होर्मुज स्ट्रेट वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे संवेदनशील बिंदु बना हुआ है। ईरान ने इस मार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे समुद्री यातायात में 97 प्रतिशत की कमी आई है। युद्ध के 17वें दिन तक लगभग 2200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 जहाजों पर हमले रिपोर्ट किए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मार्ग को सुरक्षित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कई बड़े देशों ने अपने युद्धपोत भेजने से परहेज किया है।

इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिख रहा है, जहाँ ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत $106.12 प्रति बैरल तक पहुँच गई है। तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में आए व्यवधान के कारण आने वाले समय में खाद्य सामग्री और हवाई यात्रा के महंगे होने की प्रबल संभावना है। फिलहाल, कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा है और संघर्ष विराम की संभावनाएं धुंधली बनी हुई हैं।
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