HONGKONG FIRE: हांगकांग के एक घनी आबादी वाले इलाके में आज सुबह भड़की भीषण आग ने पूरे शहर को दहला कर रख दिया है। यह घटना हांगकांग के इतिहास में पिछले 77 सालों में सबसे विनाशकारी आग साबित हुई है। हांगकांग अग्निशमन सेवा विभाग और आपदा प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड में अब तक 55 लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि उन्होंने देखते ही देखते आसपास की 8 बहुमंजिला रिहायशी इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे बुरी तरह जलकर खाक हो गईं। दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में कई घंटों की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

HONGKONG FIRE में 280 लोग लापता
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन तबाही का मंजर देखकर स्थिति अभी भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, HONGKONG FIRE में अभी भी लगभग 280 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश मलबे और जली हुई इमारतों के भीतर की जा रही है। मलबे के ढेर में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष डिजास्टर रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि जैसे-जैसे राहत कार्य आगे बढ़ेगा, मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। शहर के सभी प्रमुख अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है।

HONGKONG FIRE के पीछे की वजहों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए शुरुआती गिरफ्तारियां की हैं। हांगकांग पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गंभीर लापरवाही के आरोपों के चलते अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में वह मुख्य ठेकेदार भी शामिल है, जिस पर इन इमारतों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की जिम्मेदारी थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि इन इमारतों में फायर सेफ्टी नियमों की भारी अनदेखी की गई थी, जिसके कारण यह हादसा इतना बड़ा हो गया।

हांगकांग के इतिहास के पन्नों को पलटें तो यह घटना 1948 के बाद की सबसे बड़ी और विनाशकारी आग मानी जा रही है। 77 साल पहले हुई उस घटना के बाद यह पहला मौका है जब आग ने इतने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है और एक साथ 8 रिहायशी इमारतों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और वादा किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, पूरा शहर इस दुखद घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ा है और राहत व बचाव कार्य लगातार जारी है।

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