CREDIT DEPOSIT RATIO: उत्तराखंड सचिवालय में आज राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने राज्य में बैंकिंग गतिविधियों और ऋण प्रवाह को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। वित्त सचिव ने बैंकों के लिए राज्य में ऋण जमा अनुपात (Credit-Deposit Ratio) को 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही उन्होंने स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं में लंबित पड़े ऋण आवेदनों पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्हें तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।

CREDIT DEPOSIT RATIO: स्वरोजगार ऋणों में देरी पर वित्त सचिव सख्त
बैठक में वित्त सचिव ने राज्य के आर्थिक विकास में बैंकों की भूमिका को रेखांकित किया। जिन जनपदों में ऋण जमा अनुपात राष्ट्रीय या राज्य औसत से कम है, वहां के अग्रणी जिला प्रबंधकों (LDMs) को विशेष रणनीति बनाकर काम करने को कहा गया है। जावलकर ने विशेष रूप से पर्वतीय जनपदों पर फोकस किया। उन्होंने निर्देश दिए कि पहाड़ों में चल रहे होटल, पर्यटन व्यवसाय और पावर प्रोजेक्ट्स जैसी प्रमुख आर्थिक गतिविधियों को स्थानीय बैंकों से ही जोड़ा जाए। उनका स्पष्ट मत था कि जिस जिले में कोई व्यावसायिक इकाई संचालित हो रही है, उसकी वित्तीय गतिविधियां भी उसी जिले के बैंक के माध्यम से होनी चाहिए, ताकि स्थानीय स्तर पर सीडी रेशियो सुधर सके।

रोजगार सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सचिव ने रोजगार सृजन ऋण योजनाओं में बैंकों के स्तर पर लंबित आवेदनों की संख्या पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने दो टूक कहा कि संबंधित बैंक प्राथमिकता के आधार पर इन आवेदनों का निस्तारण करें, ताकि युवाओं को समय पर स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। इसके अतिरिक्त, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को भी प्राथमिकता पर वित्तीय सहायता प्रदान करने और शिक्षा ऋण आवंटन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने में प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

बैठक में बैंकिंग प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण पर भी चर्चा हुई। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ के तहत बने स्वामित्व कार्ड के आधार पर ऋण प्रदान करने के लिए बैंकों को जल्द से जल्द एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त सचिव ने वित्तीय साक्षरता पर भी जोर दिया। उन्होंने ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरुकता अभियान चलाने और इसमें सरकारी विभागों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर सचिव रंजना राजगुरु, हिमांशु खुराना, निवेदिता कुकरेती और अभिषेक रुहैला सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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