चुनाव के दो दिन बाद ही यहां खुली स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल, मीलों पैदल चलकर बीमार को पहुंचाया अस्पताल

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उत्तरकाशी (संवाददाता- विनीत कंसवाल): पुरोला विधानसभा क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांवों में मतदान के एक दिन बाद ही फिर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं

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की पोल खुल गई। पुरोला क्षेत्र के ओसला गांव में एक बीमार व्यक्ति को ग्रामीणों ने डंडों के सहारे बांधकर 16 किलोमीटर बर्फीले रास्ते से तालुका तक पहुंचाया। इसके बाद वाहन के जरिये बीमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला पहुंचाया गया। बीमार की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया, जिस पर उसे हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट पहुंचाया गया।

पिछले कुछ दिनों से मोरी ब्लाक के सुदूरवर्ती ओसला गांव में 58 वर्षीय कृपा सिंह बीमार चल रहे थे। गत सोमवार को कृपा सिंह की स्थिति गंभीर हुई, जिसके बाद सोमवार की रात को ग्रामीणों ने बीमार को सड़क मार्ग तक पहुंचाने के लिए लकड़ी की डंडी तैयार की।

चुनाव के दो दिन बाद ही यहां खुली स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल, मीलों पैदल चलकर बीमार को पहुंचाया अस्पताल

मंगलवार की सुबह ग्रामीणों ने बीमार को डंडी पर बांधा और बर्फीले रास्ते से होते हुए बीमार को तालुका तक पहुंचाया। 16 किलोमीटर के लंबे बर्फीले रास्ते में कई स्थानों पर ग्रामीण बर्फ में फिसलते हुए बाल-बाल बचे। ओसला के विजय राणा ने बताया कि तालुका से लेकर ओसला तक पूरे रास्ते में बर्फ की चादर बिछी हुई है। मंगलवार तड़के चलने के बाद भी तालुका पहुंचने में छह घंटे से अधिक समय लगा। ओसला सहित ढाटमीर, पवाणी और गंगाड गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं। इसके अलावा इन गांवों में संचार, स्वास्थ्य और शिक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं है।

अगर सड़क सुविधा और स्वास्थ्य सुविधा होती तो ग्रामीण को एक सप्ताह पहले ही उपचार दिया जा सकता था। उपचार न मिलने के कारण ग्रामीण की हालत गंभीर हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने डंडी के सहारे सड़क मार्ग तक पहुंचाने का निर्णय लिया, जिसमें दिनेश कुमार, दिनेश सिंह, हृदेश, लायकराम और किशन सिंह शामिल हैं।

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