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हरियाणा IPS सुसाइड केस: 14 अफसरों पर हुई एफआईआर, डीजीपी समेत कई बड़े नाम शामिल

HARYANA IPS SUICIDE CASE: हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में गुरुवार देर रात चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर पुलिस ने डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर, रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत कुल 14 वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 108 बीएनएस) और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह केस सेक्टर-11 थाने में एफआईआर नंबर 156/2025 के रूप में दर्ज हुआ।

HARYANA IPS SUICIDE CASE: सुसाइड नोट में अधिकारियों के नाम

7 अक्टूबर 2025 को वाई. पूरन कुमार, जो हरियाणा के एडीजीपी और 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे, ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित सरकारी आवास के बेसमेंट में अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। पुलिस को घटनास्थल से 8 पेज का सुसाइड नोट और एक वसीयत मिली, जिसमें उन्होंने डीजीपी कपूर, एसपी बिजारणिया, और अन्य 9 सर्विंग आईपीएस, 1 रिटायर्ड आईपीएस और 3 रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों पर वर्षों से मानसिक उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया।

HARYANA IPS SUICIDE CASE
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नोट में उन्होंने रोहतक के एक भ्रष्टाचार मामले (FIR नंबर 0319/2025) का भी जिक्र किया, जिसमें उनके खिलाफ साजिश रचने की बात कही गई। यह केस उनके पूर्व स्टाफ सुशील कुमार के खिलाफ दर्ज था, लेकिन पूरन कुमार का दावा था कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश थी। इस पूरे घटनाक्रम से हरियाणा पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाकर मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। सूत्रों के अनुसार, सरकार डीजीपी कपूर और अन्य अफसरों को लॉन्ग लीव पर भेजने पर विचार कर रही है।(HARYANA IPS SUICIDE CASE)

पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार, जो हरियाणा सरकार में विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त हैं, घटना के समय जापान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रतिनिधिमंडल के साथ थीं। उन्होंने कहा कि उनके पति, जो दलित समुदाय से थे, को सिस्टेमेटिक ह्यूमिलिएशन, हैरासमेंट और कास्ट-बेस्ड डिस्क्रिमिनेशन का सामना करना पड़ा। अमनीत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोपी अधिकारियों की गिरफ्तारी और निलंबन, तथा परिवार को आजीवन सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं देंगी।(HARYANA IPS SUICIDE CASE)

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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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