PHILIPPINES EARTHQUAKE 2025: फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से मिंडानाओ में शुक्रवार सुबह एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सिस्मोलॉजी (फिवोल्क्स) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 7.6 थी और इसका केंद्र समुद्र तट से लगभग 44 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में मनाय (दावाओ ओरिएंटल) के पास 20 किलोमीटर गहराई में था। स्थानीय समयानुसार यह झटका सुबह 9:43 बजे महसूस किया गया।

PHILIPPINES EARTHQUAKE 2025: सुनामी चेतावनी और राहत की खबर
भूकंप के तुरंत बाद फिवोल्क्स ने मिंडानाओ और विसायास के तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की। चेतावनी में कहा गया था कि भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (PTWC) ने भी पुष्टि की कि फिलीपींस, इंडोनेशिया और पलाऊ के तटों पर 1 से 3 मीटर ऊंची लहरें आ सकती हैं। हालांकि, दोपहर तक स्थिति नियंत्रण में आने पर चेतावनी रद्द कर दी गई। सूरिगाओ डेल सूर के टैंडाग शहर में सुबह 10:20 बजे 30 सेंटीमीटर ऊंची लहरें दर्ज की गईं।

लोगों में मचा अफरा-तफरी, सड़कों पर दौड़े नागरिक
तेज झटकों से लोग डर के मारे घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। दावाओ सिटी से आए वीडियो में लोग सड़कों पर लेटकर या झुककर खुद को बचाने की कोशिश करते दिखाई दिए। 170 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं, जिनमें से कई 5.9 और 5.6 तीव्रता के रहे। सुबह 11:32 बजे 5.8 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, दावाओ ओरिएंटल में अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई अस्पतालों, स्कूलों और घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।

फिलीपींस ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है
कहा जाता है कि फिलीपींस ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है। यह भौगोलिक स्थिति ही देश में लगातार आने वाले भूकंपों और ज्वालामुखी विस्फोटों की मुख्य वजह है। प्रशांत ‘रिंग ऑफ फायर’, जिसे परि-प्रशांत मेखला (Circum-Pacific Belt) भी कहा जाता है, प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला एक लगभग 40,000 किलोमीटर लंबा, घोड़े की नाल के आकार का क्षेत्र है। यह दुनिया का सबसे तीव्र भूकंपीय और ज्वालामुखीय गतिविधि वाला क्षेत्र है।

‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित होने के कारण फिलीपींस को लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। फिलीपींस में भूकंप आना एक आम बात है, जहाँ हर साल सैकड़ों झटके महसूस किए जाते हैं। इसके अलावा देश में 20 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी हैं। यही नहीं इस देश में भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट के कारण अक्सर सुनामी, भूस्खलन और मिट्टी धंसने जैसी अन्य आपदाएं भी होती हैं, जो तबाही को और बढ़ा देती हैं।
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