HALDWANI RAILWAY ENCROACHMENT: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला आने की संभावना है। हजारों परिवारों का भविष्य इस फैसले पर टिका हुआ है। फैसले के मद्देनजर पूरे नैनीताल जिले, विशेषकर हल्द्वानी और बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन ने बनभूलपुरा को ‘हाई अलर्ट मोड’ पर रखा है और पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। एसएसपी नैनीताल, डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है।

HALDWANI RAILWAY ENCROACHMENT:पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बनभूलपुरा क्षेत्र को 4 सेक्टरों में बांटा गया है और वहां 400 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आईटीबीपी (ITBP) और एसएसबी (SSB) के जवानों को तैनात किया गया है। पैरामिलिट्री फोर्स और रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) को भी रिजर्व में रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका अक्षरशः पालन कराया जाएगा। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
यह पूरा विवाद रेलवे की 29 एकड़ जमीन से जुड़ा है, जिस पर कथित तौर पर अवैध कब्जा है। रेलवे अधिकारियों और अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, इस जमीन पर करीब 4,365 अतिक्रमणकारी काबिज हैं, जिनमें 5,000 से ज्यादा परिवार और लगभग 50,000 लोग दशकों से रह रहे हैं। साल 2023 में नैनीताल हाईकोर्ट ने इस जमीन को खाली कराने का आदेश दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय आधार पर उस आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार और रेलवे से समाधान निकालने को कहा था। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।(HALDWANI RAILWAY ENCROACHMENT)

इस बीच, हल्द्वानी शहर और आसपास के इलाकों के लिए एक नया ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। यातायात पुलिस द्वारा जारी डायवर्जन प्लान के अनुसार, बनभूलपुरा क्षेत्र में बाहरी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। गौला पुल, रेलवे स्टेशन तिराहा, और मंगल पड़ाव से बनभूलपुरा की ओर जाने वाले रास्ते बंद रहेंगे। पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के बाहर से ही डायवर्ट किया जा रहा है। रामपुर, बरेली और रामनगर की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने और कानून व्यवस्था सुचारू रहे।

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