Gorilla Glass एक खास तरह का मजबूत कवर ग्लास है, जिसे अमेरिकी कंपनी Corning बनाती है और जो आज करोड़ों स्मार्टफोन, टैबलेट और स्मार्टवॉच की स्क्रीन को बचाता है। नया फोन खरीदते समय स्पेसिफिकेशन लिस्ट में इसका नाम लगभग हमेशा दिख जाता है। लेकिन इसके कई वर्जन होते हैं और हर वर्जन की मजबूती अलग होती है।
यह साधारण कांच से अलग कैसे है?
यह ग्लास एल्युमिनोसिलिकेट नाम के मटीरियल से बनता है, जो सामान्य कांच से ज्यादा सख्त होता है। असली मजबूती इसे आयन एक्सचेंज नाम की केमिकल प्रक्रिया से मिलती है। इस प्रक्रिया में ग्लास को गर्म पोटेशियम नमक के घोल में डुबोया जाता है।
कांच के छोटे सोडियम आयन निकलकर बड़े पोटेशियम आयन से बदल जाते हैं, जिससे सतह पर एक दबाव वाली परत बन जाती है। यही परत दरारों को फैलने से रोकती है। इसलिए यह ग्लास पतला होने के बावजूद गिरने और खरोंच दोनों को बेहतर तरीके से झेल लेता है।
Gorilla Glass के प्रमुख प्रकार
पहला वर्जन 2008 के आसपास आया था और 2012 में आया दूसरा वर्जन करीब 20 प्रतिशत पतला था। इसके बाद तीसरे वर्जन ने खरोंच से बचाव पर ध्यान दिया, जबकि चौथे वर्जन को खास तौर पर गिरने से बचाने के लिए बनाया गया। पांचवें और छठे वर्जन ने ड्रॉप प्रोटेक्शन को और आगे बढ़ाया। छठा वर्जन एक मीटर की ऊंचाई से औसतन 15 बार गिरने की जांच में सफल रहा, जो अपने पिछले वर्जन से लगभग दोगुना था।
2020 में कंपनी ने नंबर वाला नाम छोड़कर Victus पेश किया, जो दो मीटर तक के ड्रॉप झेलने और पहले से दोगुनी खरोंच प्रतिरोध क्षमता के साथ आया। बाद में Victus 2 आया, जिसे कंक्रीट जैसी खुरदरी सतह पर गिरने के लिहाज से बेहतर बनाया गया। 2024 में आया 7i वर्जन मिड रेंज और बजट फोन्स के लिए तैयार किया गया। इससे कम कीमत वाले फोन्स को भी ठीक ठाक सुरक्षा मिलने लगी।
Armor और Armor 2 प्रीमियम फोन्स के लिए हैं, जिनकी खासियत एंटी रिफ्लेक्टिव सतह है, यानी धूप में स्क्रीन पर चमक कम दिखती है। Samsung Galaxy S25 Ultra और S26 Ultra जैसे फोन्स में Armor 2 का इस्तेमाल हुआ है। सबसे नया नाम Ceramic 3 है, जिसे मार्च 2026 में पेश किया गया।
कंपनी के मुताबिक यह कंक्रीट जैसी सतह पर दो मीटर से ज्यादा के ड्रॉप झेल सकता है और सबसे पहले Motorola के फोन में आएगा। स्मार्टवॉच और कैमरा लेंस के लिए अलग से DX और DX+ जैसे वर्जन भी बनाए जाते हैं, जिनमें खरोंच से बचाव पर ज्यादा जोर होता है।
फोन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
सिर्फ Gorilla Glass का नाम देखकर भरोसा न करें, बल्कि यह देखें कि फोन में कौन सा वर्जन लगा है। पुराने वर्जन वाला फोन नए वर्जन वाले फोन जितनी सुरक्षा नहीं देता। यह भी जांचें कि सुरक्षा सिर्फ आगे की स्क्रीन पर है या पीछे के पैनल पर भी। कई फोन्स में आगे और पीछे अलग अलग वर्जन इस्तेमाल किए जाते हैं।

क्या इसके बाद स्क्रीन गार्ड की जरूरत खत्म हो जाती है?
नहीं, कोई भी ग्लास पूरी तरह टूटने या खरोंच से मुक्त नहीं होता। जेब में रखी रेत, चाबियां या पत्थर जैसी सख्त चीजें इस पर भी निशान छोड़ सकती हैं। इसलिए एक अच्छा टेम्पर्ड ग्लास और मजबूत कवर अब भी समझदारी भरा फैसला है, खासकर तब, जब फोन महंगा हो।
स्मार्टफोन से जुड़ी ये जानकारियां भी आपके काम आएंगी: Smartphone Display Guide, स्मार्टफोन में 100x जूम का असली सच और फोन से खोई हुई चाबी कैसे ढूंढें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या Gorilla Glass वाला फोन गिरने पर नहीं टूटता?
यह आम कांच से कहीं ज्यादा मजबूत है, लेकिन पूरी तरह अटूट नहीं है। गिरने की ऊंचाई, सतह और फोन किस कोण पर गिरा, इन सब पर नतीजा निर्भर करता है।
2. मेरे फोन में कौन सा वर्जन है, यह कैसे पता करें?
फोन कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर स्पेसिफिकेशन पेज के डिस्प्ले सेक्शन में यह जानकारी मिल जाती है। बॉक्स पर भी कई बार इसका जिक्र होता है।
3. क्या iPhone में भी यही ग्लास लगता है?
Apple अपने iPhone में Ceramic Shield नाम का ग्लास इस्तेमाल करता है, जिसे Corning के साथ मिलकर बनाया गया है। यह एक खास कस्टम वर्जन है।
4. इसके सभी वर्जन की आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?
सभी वर्जन और उनकी टेस्टिंग से जुड़ी जानकारी Corning की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
आगे और समाचार पढ़े:
टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों के अलावा, ये अन्य बड़ी खबरें भी पढ़ें:
- CJP कार्यकर्ताओं को पुलिस नोटिस का दावा, अभिजीत दीपके बोले- 10 अक्टूबर का प्रदर्शन हिंसक हो सकता है
- ओबीसी, दलित, ब्राह्मण और ठाकुर चेहरों का संतुलन, भाजपा के राज्यसभा दांव में 2027 का संदेश
- उत्तर प्रदेश में तीसरा राज्यसभा कैंडिडेट नहीं उतारेगी सपा, अखिलेश बोले- तीन नहीं… 403 पर निगाहें
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

