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Google Play Protect क्या करता है और क्या यह फोन को पूरी तरह सुरक्षित रखता है?

Google Play Protect आपके एंड्रॉइड फोन में पहले से मौजूद वह सुरक्षा सिस्टम है, जिसके बारे में ज्यादातर यूज़र्स को कभी पता ही नहीं चलता। यह लगातार बैकग्राउंड में काम करते हुए आपके फोन में मौजूद हर ऐप को स्कैन करता रहता है। पहले किसी भी वायरस या मैलवेयर से बचने के लिए अलग से सिक्योरिटी ऐप डाउनलोड करना पड़ता था। अब यह सुरक्षा फीचर सीधे गूगल प्ले सर्विसेज के साथ ही हर एंड्रॉइड डिवाइस में इनबिल्ट आता है। 

What is Google Play Protect?

Google Play Protect गूगल का एक बिल्ट-इन सिक्योरिटी सिस्टम है, जो हर एंड्रॉइड डिवाइस पर मौजूद ऐप्स की सुरक्षा जांच करता है। यह प्ले स्टोर से डाउनलोड होने वाले हर ऐप को इंस्टॉल से पहले और बाद में भी स्कैन करता है। इसके अलावा यह फोन में पहले से मौजूद सभी ऐप्स पर भी लगातार नजर रखता है, ताकि कोई भी नुकसानदायक गतिविधि समय रहते पकड़ी जा सके।

गूगल के मुताबिक यह सिस्टम रोजाना अरबों ऐप्स की जांच करता है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल सिक्योरिटी सिस्टम में से एक बन गया है। यह सुविधा 2017 में लॉन्च की गई थी और तब से लगातार अपडेट होती आ रही है।

Google Play Protect कैसे काम करता है?

यह सिस्टम मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से हर ऐप के कोड और व्यवहार का विश्लेषण करता है। जैसे ही कोई ऐप संदिग्ध गतिविधि करता है, जैसे बिना अनुमति के डेटा भेजना या फोन की सेटिंग बदलना, तो यह सिस्टम तुरंत अलर्ट भेज देता है। कई बार यह खतरनाक ऐप्स को अपने आप ही डिवाइस से हटा भी देता है।

इसके अलावा यह सिस्टम रेगुलर सुरक्षा अपडेट भी लाता रहता है, जिससे नए तरह के मैलवेयर से भी बचाव संभव हो पाता है। यह पूरी प्रक्रिया यूज़र के हस्तक्षेप के बिना ही अपने आप चलती रहती है। संदिग्ध लिंक और असुरक्षित वेबसाइट खुलने पर भी यह चेतावनी दिखा देता है।

Google Play Protect के फायदे

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूज़र्स को अलग से किसी एंटीवायरस ऐप की जरूरत नहीं पड़ती। यह सुरक्षा फीचर पूरी तरह फ्री है और हर एंड्रॉइड डिवाइस में पहले से मौजूद रहता है। यह नकली या फर्जी ऐप्स को पहचानकर यूज़र्स को समय रहते सचेत कर देता है।

इसके अलावा यह डिवाइस की परफॉर्मेंस पर बहुत कम असर डालता है, क्योंकि इसका ज्यादातर काम गूगल के सर्वर पर ही हो जाता है। रेगुलर स्कैनिंग की वजह से पुराने और असुरक्षित ऐप्स के बारे में भी समय रहते जानकारी मिल जाती है। बच्चों और नए स्मार्टफोन यूज़र्स के लिए यह फीचर खासतौर पर मददगार साबित होता है।

Google Play Protect
Google Play Protect

Google Play Protect को कैसे चालू या बंद करें?

इसे चेक करने के लिए सबसे पहले प्ले स्टोर ऐप खोलें और ऊपर दाईं ओर प्रोफाइल आइकन पर टैप करें। इसके बाद Play Protect ऑप्शन पर जाकर सेटिंग्स आइकन दबाएं। यहां से ऐप्स को स्कैन करने और सुधारने वाले फीचर को चालू या बंद किया जा सकता है।

सुरक्षा के लिहाज से इसे हमेशा चालू रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसे बंद करने से फोन कई तरह के खतरों के सामने असुरक्षित हो सकता है। कई बार यूज़र्स गलती से इसे बंद कर देते हैं, इसलिए समय-समय पर सेटिंग्स चेक करना भी जरूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. Google Play Protect सभी एंड्रॉइड फोन में मौजूद होता है?
हां, गूगल प्ले सर्विसेज वाले लगभग सभी एंड्रॉइड डिवाइस में यह फीचर पहले से मौजूद रहता है।

2. क्या इसके लिए अलग से भुगतान करना पड़ता है?
नहीं, यह पूरी तरह फ्री है और किसी भी अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं पड़ती।

3. क्या यह प्ले स्टोर के बाहर से इंस्टॉल किए गए ऐप्स को भी स्कैन करता है?
हां, यह सिस्टम फोन में मौजूद सभी ऐप्स की जांच करता है, चाहे वे प्ले स्टोर से इंस्टॉल हुए हों या किसी और सोर्स से।

4. क्या Google Play Protect को बंद करना सुरक्षित है?
नहीं, इसे बंद करने से फोन मैलवेयर और वायरस के खतरे के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकता है।

5. अगर यह किसी सुरक्षित ऐप को खतरनाक बता दे तो क्या करें?
ऐसे मामलों में यूज़र प्ले स्टोर के जरिए गूगल को रिपोर्ट भेज सकते हैं, जिसकी पूरी तकनीकी जानकारी विकिपीडिया पर भी विस्तार से मिल जाती है।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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