Fixed Deposit vs Recurring Deposit का सवाल हर उस इंसान के सामने आता है जो पहली बार बैंक में सेफ, गारंटीड रिटर्न वाला निवेश शुरू करना चाहता है।
दोनों दिखने में मिलते-जुलते होने के बावजूद असल में अलग-अलग जरूरतों के लिए बने हैं। Fixed Deposit vs Recurring Deposit समझे बिना गलत विकल्प चुनने का खतरा रहता है।
जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, बड़े बैंकों की FD दरें 6.25-6.75% के आसपास हैं, जबकि छोटे फाइनेंस बैंकों में यह 8% से भी ऊपर जा सकती है।
यहां हम Fixed Deposit vs Recurring Deposit का पूरा फर्क, खुद कैलकुलेट किया हुआ उदाहरण, और कौन सा किसके लिए सही है — सब कुछ बता रहे हैं।
Fixed Deposit vs Recurring Deposit: बुनियादी फर्क
- Fixed Deposit (FD): एक लंपसम रकम एक बार जमा की जाती है, तय अवधि के लिए तय ब्याज दर पर
- Recurring Deposit (RD): हर महीने एक तय रकम जमा की जाती है, अवधि पूरी होने पर पूरा जमा किया गया पैसा ब्याज के साथ मिलता है
FD उन लोगों के लिए बेहतर है जिनके पास पहले से एक बड़ी रकम मौजूद है।
RD उन लोगों के लिए है जो हर महीने की सैलरी से थोड़ा-थोड़ा जमा करके सेविंग की आदत बनाना चाहते हैं। यही Fixed Deposit vs Recurring Deposit चुनने का सबसे पहला पैमाना है।
Fixed Deposit vs Recurring Deposit: मौजूदा ब्याज दरें (जुलाई 2026)
- SBI: 6.25% (1 साल), 6.45% (444 दिन Amrit Vrishti स्कीम)
- HDFC: 6.25-6.50%
- ICICI: 6.25-6.50%
- Bank of Baroda: 6.75% तक (555-दिन गोल्डन गोल स्कीम)
- छोटे फाइनेंस बैंक (SFB): 8% से 8.5% तक, वही DICGC इंश्योरेंस लागू
RD की दरें आमतौर पर उसी तरह के FD से 0.10-0.25% कम होती हैं।
इसकी वजह सीधी है — पैसा एक साथ नहीं बल्कि धीरे-धीरे जमा होता है, इसलिए बैंक का औसत रिस्क कम रहता है।
Fixed Deposit vs Recurring Deposit: खुद कैलकुलेट किया गया उदाहरण
मान लीजिए एक साल में कुल ₹72,000 निवेश करना है (₹6,000 महीना):
- FD (एकमुश्त ₹72,000, 6.5% पर, दिन 1 से): 1 साल बाद ₹76,795
- RD (हर महीने ₹6,000, 6.25% पर): 1 साल बाद ₹74,485
यानी अगर आपके पास पहले से पूरा पैसा मौजूद है, तो FD में करीब ₹2,300 ज्यादा मिलता है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पूरी रकम शुरू से ही ब्याज कमाना शुरू कर देती है। लेकिन अगर पैसा हर महीने सैलरी से ही आता है, तो Fixed Deposit vs Recurring Deposit के मुकाबले में RD ही व्यावहारिक विकल्प बनता है।
Fixed Deposit vs Recurring Deposit: टैक्स के नियम
दोनों पर टैक्स एक जैसा लागू होता है — ब्याज “Income from Other Sources” के तहत टैक्सेबल है।
अगर सालाना ब्याज ₹40,000 (सीनियर सिटीजन के लिए ₹50,000) से ज्यादा है, तो 10% TDS कटता है।
अगर टैक्सेबल इनकम लिमिट से कम है, तो Form 15G (60 साल से कम) या Form 15H (सीनियर सिटीजन) जमा करके TDS से बचा जा सकता है।
टैक्स-सेविंग FD (5 साल का लॉक-इन) पर सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है, लेकिन RD पर यह छूट उपलब्ध नहीं है — यह Fixed Deposit vs Recurring Deposit का एक अहम फर्क है।
कौन सा विकल्प किसके लिए सही है
- अचानक मिला बोनस या इंश्योरेंस मैच्योरिटी: FD बेहतर, क्योंकि पूरी रकम एक साथ निवेश हो सकती है
- हर महीने की सैलरी से बचत की आदत बनानी है: RD ज्यादा व्यावहारिक
- टैक्स बचाना भी मकसद है: टैक्स-सेविंग FD, क्योंकि RD में 80C बेनिफिट नहीं मिलता
- ब्याज दर में बदलाव से बचना है: दोनों में रेट एक बार बुक होने पर लॉक हो जाती है
अगर आप छोटी शुरुआत से बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो 30 Day Savings Challenge वाला आर्टिकल भी पढ़ें।
अगर आप SIP के जरिए इक्विटी में भी निवेश करना चाहते हैं, तो SIP Calculator वाला आर्टिकल जरूर देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. Fixed Deposit vs Recurring Deposit में कौन ज्यादा ब्याज देता है?
आमतौर पर FD, क्योंकि पूरी रकम शुरू से ही ब्याज कमाना शुरू कर देती है।
2. क्या RD पर भी टैक्स छूट मिलती है?
नहीं, सेक्शन 80C की छूट सिर्फ 5-साल की टैक्स-सेविंग FD पर मिलती है, RD पर नहीं।
3. क्या FD और RD दोनों में समय से पहले पैसा निकाला जा सकता है?
हां, लेकिन दोनों में प्रीमैच्योर विड्रॉल पर आमतौर पर 0.5-1% की पेनल्टी लगती है।
4. क्या छोटे फाइनेंस बैंकों में पैसा रखना सुरक्षित है?
हां, ये RBI-रेगुलेटेड होते हैं और उन पर भी वही DICGC इंश्योरेंस लागू होता है जो बड़े बैंकों पर होता है।
5. RD शुरू करने के लिए न्यूनतम कितनी रकम चाहिए?
ज्यादातर बैंकों में ₹500-₹1,000 महीना जितनी छोटी रकम से भी RD शुरू की जा सकती है।
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यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और यह कोई निवेश सलाह नहीं है। ब्याज दरें समय-समय पर बदलती रहती हैं, इसलिए निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूदा दरें जरूर चेक करें।
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

