DUSHYANT KUMAR GAUTAM: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड मामलों के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे एक कथित अभियान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़कर प्रसारित की जा रही सामग्री पर कड़ा एतराज जताया है। दुष्यंत गौतम ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए दावा किया है कि उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने उत्तराखंड सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और आपत्तिजनक सामग्री को इंटरनेट से हटाने की मांग की है।

DUSHYANT KUMAR GAUTAM ने गृह सचिव शैलेश बगोली को भेजा पत्र
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने गुरुवार को उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगोली को एक विस्तृत पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रशासन को सूचित किया कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा उनके खिलाफ भ्रामक और अपमानजनक सामग्री फैलाई जा रही है। उन्होंने पत्र में विशेष रूप से आग्रह किया है कि संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और समाचार चैनलों को सख्त निर्देश जारी किए जाएं। उनकी मांग है कि वे इस तरह की विवादित सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म से तुरंत हटा दें और भविष्य में इसके प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रसार पर भी रोक लगाएं।

छवि खराब करने की आपराधिक साजिश का आरोप
दुष्यंत गौतम ने अपने पत्र में यह स्पष्ट किया है कि यह केवल एक संयोग नहीं है, बल्कि एक आपराधिक साजिश का हिस्सा है। उनका कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने हाल ही में उनके खिलाफ फर्जी और मनगढ़ंत ऑडियो रिकॉर्डिंग तैयार की है। भाजपा नेता का दावा है कि इस रिकॉर्डिंग को मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल करने का मुख्य उद्देश्य नफरत फैलाना और उनकी राजनीतिक व सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने गृह सचिव से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

47 सोशल मीडिया हैंडल और मीडिया संस्थानों की सूची सौंपी
DUSHYANT KUMAR GAUTAM ने पत्र के साथ एक लंबी सूची भी संलग्न की है। इस सूची में उन सोशल मीडिया अकाउंट्स और मीडिया संस्थानों का ब्यौरा दिया गया है, जिन पर भाजपा नेता ने झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने की बात कही है। दुष्यंत गौतम ने गृह सचिव को कुल 47 सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी दी है। इसमें फेसबुक आईडी, इंस्टाग्राम हैंडल, यूट्यूब चैनल और ट्विटर अकाउंट शामिल हैं। उनका आरोप है कि इन्हीं अकाउंट्स और चैनलों के जरिए उनकी मानहानि की जा रही है और उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इन सभी चिन्हित अकाउंट्स से विवादित सामग्री को हटाने की मांग की है।

वायरल वीडियो और उर्मिला सनावर का विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ में एक वीडियो और कथित ऑडियो बातचीत है जो पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बनी हुई है। इस वायरल वीडियो में उर्मिला सनावर नामक एक महिला दिखाई दे रही है, जो खुद को हरिद्वार के ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताती है। वीडियो में महिला द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उसने ‘गट्टू’ नामक एक व्यक्ति का जिक्र करते हुए वर्ष 2022 में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड में उसकी संलिप्तता का आरोप लगाया है। इसी वीडियो और ऑडियो को आधार बनाकर सोशल मीडिया पर दुष्यंत गौतम के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है, जिसे भाजपा नेता ने पूरी तरह से फर्जी बताया है।

कांग्रेस की सीबीआई जांच की मांग और भाजपा का पलटवार
इस मुद्दे पर राज्य में राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी ने वायरल वीडियो में लगाए गए नए आरोपों को बेहद गंभीर बताया है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई द्वारा कराई जानी चाहिए। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा ने वीडियो में दिख रही महिला उर्मिला सनावर को संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त बताया है। भाजपा नेता और पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने पहले ही इस वीडियो को एआई-जनरेटेड यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाया गया फर्जी वीडियो बताकर खारिज कर दिया है।

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