DEHRADUN MOHABBEWALA ACCIDENT: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मोहब्बेवाला इलाके में शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ। मोहंड और आशारोड़ी की तरफ से आ रहे सीमेंट से भरे एक तेज रफ्तार ट्रक ने कहर बरपाते हुए एक के बाद एक छह गाड़ियों को टक्कर मार दी। यह हादसा सुबह करीब 8:30 बजे हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अनियंत्रित ट्रक ने कारों, एक अन्य ट्रक और विक्रम टेम्पो को अपनी चपेट में ले लिया और अंत में सड़क किनारे बनी दुकानों में घुसते हुए नाले में जा धंसा। गनीमत यह रही कि इतने भयानक एक्सीडेंट के बावजूद कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और कार सवार लोगों की जान बाल-बाल बच गई।

अनियंत्रित होकर नाले और दुकानों में जा घुसा ट्रक
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, सुबह के व्यस्त समय में जब मोहब्बेवाला चौक पर ट्रैफिक थोड़ा धीमा था, तभी एक्सप्रेस-वे की तरफ से आ रहा सीमेंट से लदा ट्रक अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि आगे चल रहे एक ट्रक के बैक होने के कारण पीछे गाड़ियां रुकी हुई थीं। इसी दौरान तेज गति से आए इस ट्रक ने वहां खड़ी तीन कारों, एक ट्रक और एक ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के बाद ट्रक सड़क किनारे नाले में जा गिरा और एक तरफ झुक गया, जिससे नाले की दीवार और पास की दुकानें भी टूट गईं।

DEHRADUN MOHABBEWALA ACCIDENT: झपकी और तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में ट्रक चालक ने बताया कि उसे वाहन चलाते समय नींद की झपकी आ गई थी। अचानक उसने सामने एक ट्रक को बैक होते देखा तो वह घबरा गया और नींद के झोंके में वह ट्रक पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। इसी वजह से ट्रक बेकाबू होकर लाइन से खड़ी गाड़ियों को रौंदता हुआ निकल गया। पुलिस ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

DEHRADUN MOHABBEWALA ACCIDENT: दमकल ने संभाला मोर्चा
हादसे के दौरान नाले में गिरने और पलटने की वजह से ट्रक की डीजल टंकी फट गई, जिससे मौके पर भारी मात्रा में डीजल बहने लगा। इससे वहां आग लगने का बड़ा खतरा पैदा हो गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फायर ब्रिगेड को सूचित किया। दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और संभावित आगजनी की घटना को रोका। पुलिस और सीपीयू ने एहतियात के तौर पर इलाके की घेराबंदी कर भीड़ को दूर किया। क्रेन और हाइड्रा की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया गया। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद यातायात को पूरी तरह से सामान्य किया जा सका।


