CORBETT TIGER: उत्तराखंड के सल्ट ब्लॉक के तड़म गांव में पिछले डेढ़ महीने से दहशत का कारण बने बाघ कैद हो गया है। को वन विभाग और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने बाघ को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर लिया है।
कॉर्बेट और कालागढ़ टाइगर रिजर्व से सटे इस क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष के बीच यह कार्रवाई ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पकड़े गए बाघ को सुरक्षित रूप से ढेला रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है।
CORBETT TIGER: 30 सदस्यीय तीन टीमें कर कही थी काम
वन विभाग के अनुसार इस पूरे ऑपरेशन (CORBETT TIGER) को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी गंगाशरण की अगुवाई में लगभग 30 सदस्यीय तीन टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही थीं। ऑपरेशन में वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञों की भी अहम भूमिका रही।
मोहान सफारी जोन के ऊपरी हिस्से में बाघ की गतिविधियां लगातार चिन्हित होने के बाद देर रात घेराबंदी की गई और आबादी की ओर बढ़ रहे बाघ को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित कब्जे में ले लिया गया। प्रारंभिक जांच में बाघ की उम्र लगभग 2 से ढाई वर्ष बताई गई है और वह स्वस्थ पाया गया है।

पिछले डेढ़ महीने से बाघ के हमलों की भारी दहशत थी
तड़म गांव में पिछले डेढ़ महीने के दौरान बाघ (CORBETT TIGER) के हमलों ने भारी दहशत फैला दी थी। 31 मार्च 2026 को 60 वर्षीय खीम सिंह की जंगल में लकड़ी लेने के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 3 मई को 55 वर्षीय महिपाल सिंह मेहरा पर उनके घर के पास खेत में हमला हुआ, जिसमें उनकी जान चली गई।
लगातार दो मौतों के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था और उन्होंने प्रदर्शन कर वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। अब वन विभाग यह पुष्टि करने में जुटा है कि पकड़ा गया यही बाघ (CORBETT TIGER) दोनों घटनाओं के लिए जिम्मेदार था या नहीं। इसके लिए डीएनए सैंपल भारतीय वन्यजीव संस्थान की लैब में भेजे जा रहे हैं।
साथ ही बाघ के ब्लड सैंपल और अन्य स्वास्थ्य जांचें भी ढेला रेस्क्यू सेंटर में की जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि प्राथमिक संकेत इसी बाघ की संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे हैं, हालांकि अंतिम पुष्टि वैज्ञानिक रिपोर्ट के बाद ही होगी।

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पांच दिनों से बंद तीन सरकारी विद्यालय खुलेंगे
सुरक्षा कारणों से पिछले पांच दिनों से बंद किए गए तीन सरकारी विद्यालय अब दोबारा खोले जाएंगे। वन विभाग ने फिलहाल बच्चों को वन कर्मियों की निगरानी में स्कूल पहुंचाने की व्यवस्था जारी रखने का फैसला किया है। (CORBETT TIGER)
वहीं ग्रामीणों के विरोध के चलते अस्थायी रूप से बंद किया गया मोहान सफारी पर्यटन जोन भी जल्द दोबारा खोला जा सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप था कि बढ़ते पर्यटन और मानवीय हस्तक्षेप के कारण वन्यजीव आबादी की ओर आने लगे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।
इससे पहले 8 मई को भी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के विकासखंड पौड़ी स्थित बमठी गांव में लंबे समय से लोगों के लिए दहशत का कारण बना आदमखोर गुलदार आखिरकार मार गिराया गया। वन विभाग की शूटर टीम ने रात करीब 9 बजे घटनास्थल के पास उसे अंतिम विकल्प के तौर पर शूट कर दिया था।
इसके बाद पशु चिकित्सकों की टीम ने गुलदार का पोस्टमार्टम किया और विभागीय टीम ने एनटीए के तय मानकों के अनुसार उसके शव को नष्ट कर दिया।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई CORBETT TIGER से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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