COLD WAVE IN UTTARAKHAND: उत्तराखंड में ठंड का असर तेज हो गया है। मॉनसून के बाद से बारिश न होने और पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर रहने से प्रदेश में सूखी ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है। 1 दिसंबर को देहरादून का तापमान पिछले 10 वर्षों में सबसे कम दर्ज हुआ। रविवार को यहां अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से कम है। वहीं, मसूरी में देर शाम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मैदानी और पहाड़ी इलाकों में सुबह और शाम पाला पड़ने से ठंड और ज्यादा बढ़ रही है। दिन और रात के तापमान में करीब 16 डिग्री का अंतर दर्ज किया गया है।

COLD WAVE IN UTTARAKHAND: 4-5 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहने से ठंड और बढ़ सकती है। ठंड के कारण लोग स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में खासतौर पर नाक, गले और कान से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह और शाम घर से बाहर जाने से बचें, नाक और कान को ढककर रखें, गर्म पानी पिएं और पौष्टिक आहार लें।

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