CHARDHAM YATRA 2026: उत्तराखंड में पवित्र चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत रविवार 19 अप्रैल को विधि-विधान के साथ हो गई है। Gangotri में मां गंगा की डोली मुखबा से पहुंची, जबकि Yamunotri में मां यमुना की डोली खरसाली से धाम लाई गई। दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री और 12:35 बजे यमुनोत्री के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
पहले दिन कुल 9,800 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इनमें यमुनोत्री धाम में 8,200 और गंगोत्री धाम में 1,600 श्रद्धालु पहुंचे। आंकड़ों के अनुसार 5,503 पुरुष, 4,033 महिलाएं और 264 बच्चे शामिल रहे। इसके अलावा गंगोत्री में 1,450 और यमुनोत्री में 1,350 स्थानीय श्रद्धालुओं और देव डोलियों ने भी पूजा-अर्चना की।
CHARDHAM YATRA 2026: यमुनोत्री मार्ग पर दो श्रद्धालुओं की मौत
यात्रा की शुरुआत के साथ ही दो दुखद घटनाएं सामने आईं। पहली घटना में महाराष्ट्र के नासिक निवासी 65-67 वर्षीय उदय गजानन तांबे की तबीयत यमुनोत्री पैदल मार्ग पर चढ़ाई के दौरान बिगड़ गई। जानकीचट्टी के पास उन्हें सांस लेने में गंभीर दिक्कत हुई और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में हाई ब्लड प्रेशर और ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी को कारण माना जा रहा है।
दूसरी घटना में मध्य प्रदेश के इंदौर की 40 वर्षीय प्रतिमा मिश्रा ‘19 कैंची’ के पास घोड़े से गिर गईं। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
कड़ाके की ठंड में यात्रा, सावधानी जरूरी
इस बार यात्रा के शुरुआती दिनों में तापमान बेहद कम है। Gangotri में अधिकतम -1 और न्यूनतम -12 डिग्री, Yamunotri में अधिकतम 3 और न्यूनतम -4 डिग्री दर्ज किया गया। Kedarnath में तापमान -2 से -10 डिग्री और Badrinath में 2 से -8 डिग्री सेल्सियस के बीच है।

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CHARDHAM YATRA 2026
देवभूमि उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध और पवित्र CHARDHAM YATRA 2026 का शुभारंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर हो गया है। इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधि-विधान के साथ खोल दिए गये हैं। 22 अप्रैल को भगवान केदारनाथ के कपाट खुलेंगे और 23 अप्रैल को भगवान बद्रीविशाल के दर्शनों के लिए मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यह यात्रा नवंबर माह तक चलेगी, हालांकि कपाट बंद होने की अंतिम तिथियां मौसम और पंचांग के अनुसार बाद में तय की जाएंगी।
तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं को 22 अप्रैल तक का इंतजार करना होगा। इससे पहले 20 अप्रैल को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कण्डेय मंदिर, मक्कूमठ से धाम की ओर प्रस्थान करेगी। डोली के धाम पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ कपाट खोले जाएंगे।
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट 21 मई को प्रातःकाल पूरे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। ऊखीमठ स्थित शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के आधार पर यह तिथि निर्धारित की गई है। बाबा मद्महेश्वर की उत्सव डोली 19 मई को ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए रवाना होगी।
मंदिर परिसर में मोबाइल और रील्स पर बैन
CHARDHAM YATRA 2026 के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने एक बड़ा नीतिगत निर्णय लिया है। मंदिर परिसर में अब मोबाइल फोन ले जाने, वीडियो रिकॉर्डिंग करने, रील्स बनाने और फोटोग्राफी करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। BKTC की बजट बैठक में लिए गए इस फैसले का मुख्य उद्देश्य धाम की आध्यात्मिक गरिमा और पवित्रता को बनाए रखना है।

समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ वर्षों में देखा गया कि यूट्यूबर्स, ब्लॉगर्स और इन्फ्लुएंसर्स द्वारा मंदिर के भीतर वीडियो बनाने और रील्स शूट करने से दर्शन व्यवस्था प्रभावित होती थी। इससे न केवल अनावश्यक भीड़ जमा होती थी, बल्कि सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी खड़ी हो रही थीं। अब श्रद्धालुओं को अपने फोन और कैमरे मंदिर के बाहर निर्धारित लॉकर या क्लॉक रूम में जमा करने होंगे। हेमंत द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि धाम तीर्थाटन के लिए हैं, पर्यटन स्थल के रूप में केवल फोटो खिंचवाने के लिए नहीं।
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