CHARDHAM YATRA 2026: आज उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम के दर्शन किए। राज्यपाल ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए और विशेष पूजा संपन्न कर देश तथा प्रदेशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
उन्होंने धाम की दिव्यता और आध्यात्मिक महत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। CHARDHAM YATRA 2026 के दौरान राज्यपाल के आगमन पर जिला प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
राज्यपाल ने की पूजा-अर्चना, सभी विभागों के प्रयासों की सराहना की
बदरीनाथ पहुंचने पर चमोली जिले के मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने राज्यपाल का औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद राज्यपाल कार से मंदिर परिसर पहुंचे।
वहां बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने उनका अभिनंदन किया। मंदिर में उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिसे देखते हुए राज्यपाल ने बेहद सादगी और व्यवस्थित तरीके से पूजा-अर्चना संपन्न की।
भगवान बदरीविशाल के दर्शन के बाद राज्यपाल ने मंदिर के रावल अमरनाथ नंबूदरी से भी मुलाकात की। इसके उपरांत बीकेटीसी की ओर से उन्हें भगवान बदरीविशाल का प्रसाद और अंगवस्त्र भेंट किया गया।

मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ के अनुसार, राज्यपाल ने CHARDHAM YATRA 2026 के सफल संचालन के लिए मंदिर समिति, जिला प्रशासन और सभी विभागों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं को संतोषजनक और सराहनीय बताया।
मास्टर प्लान के कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया
इसके बाद राज्यपाल ने बदरीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी ने उन्हें निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल ने रिवर फ्रंट और मंदिर परिसर के आसपास हो रहे विकास कार्यों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
बाबा केदार के भी किए दर्शन
बदरीनाथ धाम के साथ ही राज्यपाल ने शनिवार को श्री केदारनाथ धाम का भी दौरा किया। केदारनाथ पहुंचकर उन्होंने बाबा केदार के दर्शन किए और विश्व कल्याण, मानवता की समृद्धि तथा उत्तराखंड के विकास के लिए प्रार्थना की। दर्शन के बाद उन्होंने केदारनाथ धाम में चल रही CHARDHAM YATRA 2026 व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत कर उनके अनुभव जाने।
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CHARDHAM YATRA 2026 का आज 19वां दिन
CHARDHAM YATRA 2026 का आज 19वां दिन है और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। 19 अप्रैल से शुरू हुई इस पवित्र यात्रा में अब तक 8 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। 8 मई तक केदारनाथ धाम में 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। मौसम खराब होने और बीच-बीच में बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है।
बद्रीनाथ धाम में अब तक 2 लाख 443 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं यमुनोत्री धाम में 1 लाख 26 हजार 630 और गंगोत्री धाम में 1 लाख 24 हजार 157 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इसके अलावा गोमुख ट्रैक पर भी 1,108 से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
CHARDHAM YATRA 2026 का महत्व
उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ यूं ही नहीं कहा जाता, यहां स्थित चार धाम हिंदू आस्था के सबसे पवित्र तीर्थ माने जाते हैं। ये चार धाम हिमालय की गोद में बसे हैं और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इन चार धामों में यमुनोत्री धाम यात्रा का पहला पड़ाव माना जाता है।
यहां यमुना नदी का उद्गम स्थल है और माता यमुना की पूजा की जाती है। श्रद्धालु यहां गर्म कुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना करते हैं। इसके बाद गंगोत्री धाम वह स्थान है जहां से मां गंगा की धारा की शुरुआत मानी जाती है। यहां स्थित मंदिर में गंगा मां की पूजा होती है। यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति के लिए प्रसिद्ध है।

केदारनाथ धाम भगवान शिव को समर्पित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। समुद्र तल से करीब 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह धाम हिमालय की बर्फीली वादियों के बीच बसा है। यहां तक पहुंचने के लिए कठिन यात्रा करनी पड़ती है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए यह अत्यंत पवित्र स्थान है।
इसके बाद आता है बदरीनाथ धाम, यह भगवान विष्णु को समर्पित धाम है और अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है। यहां बदरीनारायण के दर्शन किए जाते हैं। यह चारधाम यात्रा का अंतिम पड़ाव होता है और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। CHARDHAM YATRA 2026 अप्रैल-मई में शुरू होकर अक्टूबर-नवंबर तक चलने की संभावना है।
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