CAA मामले पर अब 6 दिसम्बर को होगी सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दाखिल के लिए दिया केंद्र को समय

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CAA पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 6 दिसम्बर को होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संसोधन कानून पर अब 6 दिसम्बर को सुनवाई होगी। CJI ने CAA मामले को उचित पीठ के समक्ष 6 दिसम्बर को सुनने का फैसला किया है। सीजेआई ने सरकार को असम और त्रिपुरा के संबंध में दायर याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। दो से अधिक मामलों को प्रमुखता से सुना जाएगा ताकि मामले पर सुनवाई आसानी से की जा सके। हालांकि रविवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से सीएए को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज करने की अपील की थी।

CAA मुद्दे पर गृह मंत्रालय ने दाखिल किया 150 पेज का हलफनामा

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CAA मुद्दे पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय के दायर 150 पेजो के हलफनामे में कहा गया कि संसद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 245 [1] में दिये अधिकारों के तहत सम्पूर्ण भारत या उसके किसी भी हिस्से के लिए कानून बनाने में सक्षम है। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुमंत सिंह के दायर हलफनामे में सभी याचिकाओं को खारिज करने की अपील की गयी है। सीएए 2019 से भारत में 31 दिसम्बर 2014 या उससे पहले आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता प्राप्त करने की सुविधा मिलती है।

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CAA मुद्दे पर याचिका दायर करने वालों में महुआ मोइत्रा से लेकर ओवैसी तक

CAA जैसे गंभीर मुद्दे पर याचिका दायर करने वालों में काँग्रेस नेता जयराम रमेश, राजद नेता मनोज झा, तृणमूल कॉंग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और एआईएमआईएम नेता असदुदीन ओवैसी भी शामिल हैं। मुस्लिम संगठन जमीयत उलमा-ए-हिन्द,आल असम स्टूडेंट्स यूनियन, पीस पार्टी, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी, रिहाई मंच जैसे गैर सरकारी संगठन ने इस अधिनियम को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

बताते चलें कि सीजेआई इसी 7 नवम्बर को रिटायर हो जाएंगे। इससे पहले उन्होने बताया था कि कुल 232 याचिकाएँ इस मुद्दे पर विचाराधीन हैं जबकि दूसरी तरफ केंद्र सरकार इन सभी याचिकाओं को खारिज करने की मांग करती रही है।

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